Ranchi: झारखंड की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में रांची स्थित रिम्स (RIMS) में नवनिर्मित क्षेत्रीय नेत्र संस्थान (Regional Eye Institute) का उद्घाटन किया गया। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने संस्थान का उद्घाटन करते हुए कहा कि यह केंद्र राज्य में आधुनिक नेत्र चिकित्सा सेवाओं का नया अध्याय साबित होगा और लोगों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।
14 साल बाद फिर शुरू हुई नेत्र चिकित्सा की आधुनिक सुविधा
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि लंबे समय से बंद पड़ी व्यवस्था को आधुनिक तकनीक और नई सुविधाओं के साथ फिर से शुरू किया गया है। उनके अनुसार, संस्थान में अब रेटिना, कॉर्निया, ग्लूकोमा, मोतियाबिंद सहित आंखों की जटिल बीमारियों का इलाज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अत्याधुनिक मशीनों और विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता से मरीजों को राज्य में ही बेहतर इलाज मिल सकेगा।
सरकार का दावा- बाहर जाने की जरूरत होगी कम
डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि झारखंड का कोई भी मरीज इलाज के लिए वेल्लोर, चेन्नई या अन्य राज्यों की ओर जाने को मजबूर न हो। उनके अनुसार, वर्तमान में संस्थान की ओपीडी में प्रतिदिन 200 से अधिक मरीज इलाज और जांच का लाभ उठा रहे हैं।
भविष्य में और बढ़ेंगी सुविधाएं
स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार ने कहा कि आने वाले समय में संस्थान में सीटी स्कैन, एमआरआई और अन्य उन्नत चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध कराने की योजना है। इससे नेत्र रोगों की जांच और इलाज और अधिक प्रभावी होगा।
वहीं, कांके विधायक सुरेश बैठा ने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए लगातार काम किया जा रहा है और नई स्वास्थ्य परियोजनाओं से आम लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।
नेत्र जांच और नेत्रदान के प्रति जागरूकता की अपील
स्वास्थ्य मंत्री ने नागरिकों से नियमित नेत्र परीक्षण कराने और नेत्रदान के प्रति जागरूक होने की अपील की। उन्होंने रिम्स के निदेशक, क्षेत्रीय नेत्र संस्थान के विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) सुनील कुमार और पूरी चिकित्सा टीम को इस पहल के लिए बधाई दी।
स्वास्थ्य क्षेत्र में नई उम्मीद
रिम्स का क्षेत्रीय नेत्र संस्थान झारखंड में विशेषज्ञ नेत्र चिकित्सा सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। आने वाले समय में इसकी सेवाओं और क्षमता के आधार पर यह संस्थान राज्य ही नहीं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों के मरीजों के लिए भी उपयोगी साबित हो सकता है।

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