Koderma: कोडरमा के चंदवारा प्रखंड स्थित प्राथमिक मध्य विद्यालय वीरगढ़ा में सोमवार को बड़ा हादसा टल गया। मिड डे मील के लिए बरामदे में बैठे करीब 35 बच्चे उस समय बाल-बाल बच गए, जब विद्यालय के दूसरे माले की छत अचानक भरभरा कर पहली मंजिल पर जा गिरी। छत गिरने से पहले तेज आवाज हुई। आवाज सुनते ही बच्चे खाना छोड़कर सुरक्षित जगह की ओर भागने लगे।
दूसरी मंजिल की छत का मलबा पहली मंजिल पर गिरी
विद्यालय के एकमात्र शिक्षक सह प्राचार्य पिंटू कुमार भी तत्काल बाहर निकल गए। बाहर आने पर उन्होंने देखा कि दूसरी मंजिल की छत का मलबा पहली मंजिल पर जमा है। उनके अनुसार, छत गिरने से पहली मंजिल की छत भी क्षतिग्रस्त हुई है। उनका कहना है कि यदि पहली मंजिल की छत भी गिर जाती तो बरामदे में बैठे बच्चों की जान खतरे में पड़ सकती थी।
दो साल तक काम करने के बाद अधूरा छोड़कर चला गया ठेकेदार
पिंटू कुमार ने विद्यालय भवन की खराब स्थिति के लिए विभागीय लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया। उनके अनुसार, भवन का निर्माण वर्ष 2008 में शुरू हुआ था, लेकिन ठेकेदार करीब दो साल बाद काम अधूरा छोड़कर चला गया। बाद में दूसरी मंजिल की छत का निर्माण कराया गया, जिसकी गुणवत्ता को लेकर उन्होंने सवाल उठाए।
शिक्षक के मुताबिक, भवन की जर्जर स्थिति की जानकारी विभाग को कई बार दी गई थी। जेई और अन्य कर्मियों ने विद्यालय का निरीक्षण भी किया, लेकिन उनके अनुसार निरीक्षण के बाद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों ने जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की
घटना के बाद ग्रामीणों में नाराजगी है। उनका कहना है कि यदि बच्चे उस समय दूसरी मंजिल पर होते तो बड़ा हादसा हो सकता था। ग्रामीणों ने जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।
इधर, जिला शिक्षा अधीक्षक अजय कुमार ने बताया कि विभाग को घटना की जानकारी मिल गई है। उनके अनुसार, जर्जर भवन को तोड़ने के लिए आदेश लिया जा चुका है। उन्होंने बताया कि भवन को जल्द ध्वस्त कर नए भवन के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी। जिले के अन्य जर्जर विद्यालय भवनों को भी चिह्नित कर ध्वस्त करने की प्रक्रिया चल रही है।

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