Share Market: भारतीय शेयर बाजार में वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) की भूमिका और मजबूत हुई। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, डीआईआई ने इस दौरान करीब 8.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया। इससे विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) की करीब 1.8 लाख करोड़ रुपये की बिकवाली के असर को कम करने में मदद मिली।
डीआईआई की हिस्सेदारी बढ़कर 17 प्रतिशत पहुंची
घरेलू निवेशकों की बढ़ती भागीदारी का असर बाजार में उनकी हिस्सेदारी पर भी दिखा। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर सूचीबद्ध प्रतिभूतियों में डीआईआई की हिस्सेदारी बढ़कर 17 प्रतिशत हो गई। दूसरी ओर, एफपीआई की हिस्सेदारी घटकर 15.8 प्रतिशत रह गई, जो 15 महीने का निचला स्तर है। घरेलू निवेश में म्यूचुअल फंड की भूमिका अहम रही। म्यूचुअल फंड ने करीब 6.4 लाख करोड़ रुपये का योगदान दिया। इसमें नियमित एसआईपी निवेश और खुदरा निवेशकों की बढ़ती भागीदारी का योगदान रहा।डीमैट खातों की संख्या बढ़कर 22.5 करोड़ पहुंची
निवेशक आधार भी तेजी से बढ़ा। वित्त वर्ष के दौरान डीमैट खातों की संख्या बढ़कर 22.5 करोड़ हो गई। पूंजी बाजार में कंपनियों की गतिविधियां भी मजबूत रहीं। सार्वजनिक इक्विटी पेशकशों से कंपनियों ने रिकॉर्ड 2.35 लाख करोड़ रुपये जुटाए। एसएमई प्लेटफॉर्म से 257 कंपनियों ने 11,587 करोड़ रुपये जुटाए। वहीं, सार्वजनिक डेट इश्यू के जरिए जुटाई गई रकम 39.2 प्रतिशत बढ़कर 11,343 करोड़ रुपये रही।
यह भी पढ़ें
संबंधित ताज़ा ख़बरें
झारखंड मुख्य समाचार एवं विशेष रिपोर्ट
Special Report
खबर मन्त्र एक्सक्लूसिव पड़ताल एवं विश्लेषण
Exclusive
ताजा प्रादेशिक एवं राष्ट्रीय अपडेट्स
Top Video










