Share Market Today: भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को भारी गिरावट देखने को मिल रही है। कारोबार के दौरान सेंसेक्स करीब 700 अंक गिरकर 74,200 के आसपास आ गया, जबकि निफ्टी करीब 250 अंक टूटकर 23,250 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया।
बाजार में सबसे ज्यादा दबाव रियल्टी और मेटल सेक्टर के शेयरों पर देखने को मिला। वैश्विक बाजारों में कमजोरी, कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने भारतीय बाजार की चिंता बढ़ाई है।
Share Market में गिरावट की 3 बड़ी वजहें
1. क्रूड ऑयल $108 के पार
कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी बाजार के लिए बड़ी चिंता बन गई है। मिडिल ईस्ट में तनाव और लाल सागर में जहाजों पर हमलों के बीच क्रूड ऑयल की कीमत एक सप्ताह में करीब 12% बढ़कर $108 प्रति बैरल के पार पहुंच गई।
भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से आयात खर्च और महंगाई पर दबाव बढ़ने की आशंका रहती है।
2. अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी
अमेरिका की 10 साल की बॉन्ड यील्ड 4.94% के पार पहुंच गई है। अमेरिकी बॉन्ड में बेहतर रिटर्न मिलने पर विदेशी निवेशकों के लिए उभरते बाजारों में निवेश का आकर्षण कम हो सकता है। इसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी दिखाई दे रहा है।
3. विदेशी निवेशकों की बिकवाली
10 सितंबर को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII/FPI) ने भारतीय बाजार से करीब ₹438 करोड़ की निकासी की। दूसरी ओर घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने खरीदारी के जरिए बाजार को संभालने की कोशिश की, लेकिन ग्लोबल दबाव के सामने बाजार में गिरावट बनी रही।
एशियाई बाजारों में भी गिरावट
भारतीय बाजार के साथ एशिया के प्रमुख शेयर बाजारों में भी कमजोरी देखने को मिली।
| इंडेक्स | स्तर | गिरावट | गिरावट % |
| कोस्पी (दक्षिण कोरिया) | 6,855 | -179 | -2.73% |
| निक्केई (जापान) | 63,469 | -1,802 | -2.76% |
| हैंगसेंग (हांगकांग) | 24,712 | -242 | -1.04% |
इससे संकेत मिलता है कि भारतीय बाजार में गिरावट सिर्फ घरेलू वजहों तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक बाजारों में बने दबाव का भी असर है।
अमेरिकी बाजार भी गिरावट के साथ बंद
इससे पहले 10 सितंबर 2026 को अमेरिकी शेयर बाजार में भी गिरावट रही।
| इंडेक्स | क्लोजिंग स्तर | गिरावट | गिरावट % |
| Dow Jones | 52,064 | -317 | -0.60% |
| Nasdaq | 26,082 | -172 | -0.65% |
| S&P 500 | 7,592 | -45 | -0.58% |
अमेरिकी बाजारों की कमजोरी का असर अगले कारोबारी सत्र में एशियाई और भारतीय बाजारों की धारणा पर भी पड़ा।
घरेलू निवेशकों ने 7 दिन में खरीदे ₹4,451 करोड़ के शेयर
बाजार में विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बीच घरेलू संस्थागत निवेशक लगातार खरीदारी कर रहे हैं।
| निवेशक वर्ग | लेटेस्ट | पिछले 7 दिन | पिछले 30 दिन |
| DII | ₹1,026 करोड़ | +₹4,451 करोड़ | +₹68,944 करोड़ |
| FII/FPI | -₹438 करोड़ | -₹864 करोड़ | -₹10,141 करोड़ |
आंकड़ों से साफ है कि पिछले 30 दिनों में विदेशी निवेशकों की ओर से भारी निकासी हुई है, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने बाजार में बड़ी खरीदारी की है।
10 सितंबर को कैसी थी बाजार की चाल?
10 सितंबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार में आज के मुकाबले बेहतर कारोबार हुआ था। सेंसेक्स 138 अंक की बढ़त के साथ 74,903 पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी 46 अंक चढ़कर 23,478 के स्तर पर बंद हुआ।
उस दिन बैंकिंग और मीडिया शेयरों में खरीदारी देखने को मिली थी।
10 सितंबर के टॉप गेनर्स और लूजर्स
10 सितंबर 2026 के बाजार बंद होने के आंकड़े के मुताबिक:
प्रमुख इंडेक्स
- सेंसेक्स: 74,903, बढ़त 138 अंक यानी 0.19%
- निफ्टी: 23,478, बढ़त 46 अंक यानी 0.20%
- निफ्टी 50: 17,929, गिरावट 65 अंक यानी 0.36%
- स्मॉल कैप 50: 10,006, गिरावट 13 अंक यानी 0.12%
निफ्टी टॉप गेनर्स
- HDFC लाइफ: ₹526 – 2.36% ऊपर
- पावर ग्रिड: ₹272 – 2.22% ऊपर
- ONGC: ₹237 – 1.39% ऊपर
निफ्टी टॉप लूजर्स
- HCL टेक: ₹1,207 – 1.85% नीचे
- हिंडाल्को: ₹1,014 – 1.26% नीचे
- टाटा स्टील: ₹187 – 1.00% नीचे
आज निवेशकों की नजर किन बातों पर?
11 सितंबर के कारोबार में निवेशकों की नजर मुख्य रूप से कच्चे तेल की कीमत, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, विदेशी निवेशकों की गतिविधि और वैश्विक शेयर बाजारों पर रहेगी। खासकर रियल्टी और मेटल शेयरों में बिकवाली बाजार की दिशा के लिए महत्वपूर्ण संकेत दे सकती है।
डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध बाजार आंकड़ों और दिए गए स्रोत सामग्री पर आधारित है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश का निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।
कंटेंट राइटर एवं रिपोर्टर, खबर मन्त्र। झारखंड के स्थानीय समाचार, महिला विकास, कला और लाइफस्टाइल खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।









