Stock Market Today: भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार, 3 नवंबर को शानदार तेजी देखने को मिल रही है। सेंसेक्स करीब 700 अंक चढ़कर 76,400 के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि निफ्टी में करीब 200 अंकों की बढ़त दर्ज की गई है और यह 23,600 के आसपास पहुंच गया है। बैंकिंग, FMCG और IT सेक्टर के शेयरों में जोरदार खरीदारी से बाजार को सहारा मिला है। विदेशी निवेशकों की वापसी और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी भी बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माने जा रहे हैं।
सेंसेक्स-निफ्टी में तेजी की क्या है वजह?
शेयर बाजार में तेजी के पीछे मुख्य रूप से विदेशी निवेशकों की खरीदारी, घरेलू निवेशकों का समर्थन और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट जैसे कारण हैं। आइए जानते हैं बाजार में तेजी की तीन बड़ी वजहें।
1. विदेशी निवेशकों ने की शेयरों की खरीदारी
लंबे समय से भारतीय बाजार में बिकवाली कर रहे विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs/FPI) ने सोमवार को 3,115 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। पिछले सात कारोबारी दिनों में विदेशी निवेशकों की कुल खरीदारी 6,642 करोड़ रुपये रही।
वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने सोमवार को 392 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की, जबकि पिछले सात दिनों में उनकी शुद्ध खरीदारी 1,358 करोड़ रुपये रही। घरेलू निवेशकों ने पिछले 30 दिनों में कुल 51,786 करोड़ रुपये का निवेश किया है।
| निवेशक श्रेणी | ताजा आंकड़े | पिछले 7 दिन | पिछले 30 दिन |
| DII | -392 करोड़ रुपये | +1,358 करोड़ रुपये | +51,786 करोड़ रुपये |
| FII/FPI | +3,115 करोड़ रुपये | +6,642 करोड़ रुपये | -32,563 करोड़ रुपये |
नोट: आंकड़े करोड़ रुपये में हैं। ताजा आंकड़ों को सोमवार के कारोबार से संबंधित माना गया है।
विदेशी निवेशकों की खरीदारी से बाजार में निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है। हालांकि, पिछले 30 दिनों के आंकड़े बताते हैं कि विदेशी निवेशक अब भी कुल मिलाकर शुद्ध बिकवाली की स्थिति में हैं।
2. कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से बाजार को राहत
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत करीब 105 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई। भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए तेल की कीमतों में गिरावट से देश के आयात बिल और महंगाई पर दबाव कम होने की उम्मीद रहती है।
कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से तेल विपणन कंपनियों, विमानन और अन्य तेल-निर्भर उद्योगों को राहत मिल सकती है। इससे शेयर बाजार में निवेशकों की धारणा भी बेहतर हो सकती है।
3. बैंकिंग, FMCG और IT शेयरों में खरीदारी
मंगलवार को बैंकिंग, FMCG और IT सेक्टर के शेयरों में खरीदारी बाजार की तेजी को समर्थन दे रही है। इन प्रमुख सेक्टरों में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ने से सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में मजबूती देखने को मिल रही है।
हालांकि, अलग-अलग कंपनियों के शेयरों में तेजी और गिरावट का प्रदर्शन अलग हो सकता है। इसलिए निवेशकों को किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले कंपनी के प्रदर्शन और बाजार के जोखिमों का आकलन करना चाहिए।
एशियाई शेयर बाजारों में मिला-जुला कारोबार
भारतीय बाजार में तेजी के बीच मंगलवार को प्रमुख एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का कोस्पी और जापान का निक्केई गिरावट में रहे, जबकि हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा।
| एशियाई इंडेक्स | स्तर | अंक में बदलाव | प्रतिशत बदलाव |
| कोस्पी (दक्षिण कोरिया) | 5,668 | -191 | -3.37% |
| निक्केई (जापान) | 63,082 | -208 | -0.33% |
| हैंगसेंग (हॉन्गकॉन्ग) | 23,493 | +100 | +0.44% |
एशियाई बाजारों का यह मिला-जुला प्रदर्शन बताता है कि वैश्विक बाजारों में अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है।
अमेरिकी शेयर बाजार में भी रहा मिला-जुला रुख
सोमवार, 2 नवंबर को अमेरिकी शेयर बाजारों में भी अलग-अलग रुझान देखने को मिले। डाउ जोन्स बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि नैस्डैक और S&P 500 में गिरावट दर्ज की गई।
| अमेरिकी इंडेक्स | स्तर | अंक में बदलाव | प्रतिशत बदलाव |
| डाउ जोन्स | 51,984 | +214 | +0.41% |
| नैस्डैक | 25,164 | -273 | -1.07% |
| S&P 500 | 7,541 | -39 | -0.51% |
अमेरिकी बाजारों के इस प्रदर्शन से साफ है कि निवेशकों का रुझान सभी सेक्टरों में एक जैसा नहीं रहा। इसका असर वैश्विक निवेश धारणा पर भी पड़ सकता है।
सोमवार को भी बाजार में रही थी तेजी
भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार की तेजी से पहले सोमवार को भी बढ़त देखने को मिली थी। विदेशी निवेशकों की खरीदारी और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के बीच निवेशकों की नजर अब वैश्विक संकेतों, रुपये की चाल और आने वाले कारोबारी आंकड़ों पर बनी हुई है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
सेंसेक्स और निफ्टी में तेजी बाजार के लिए सकारात्मक संकेत है, लेकिन केवल एक दिन की बढ़त के आधार पर निवेश का फैसला करना उचित नहीं है। विदेशी निवेशकों की आगे की गतिविधियां, कच्चे तेल की कीमतें, वैश्विक बाजारों का रुख और कंपनियों के वित्तीय नतीजे बाजार की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं।
डिस्क्लेमर: यह खबर केवल सूचनात्मक उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें।
कंटेंट राइटर एवं रिपोर्टर, खबर मन्त्र। झारखंड के स्थानीय समाचार, महिला विकास, कला और लाइफस्टाइल खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।









