Share Market Update: पिछले हफ्ते की भारी गिरावट के बाद आज भारतीय शेयर बाजार ने जबरदस्त वापसी की है। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही हरे निशान में कारोबार कर रहे हैं। जहाँ 24 अप्रैल को बाजार में 1000 अंकों का गोता लगा था, वहीं आज निवेशकों की खरीदारी से बाजार गुलजार है।
Share Market Update: बाज़ार का ताज़ा हाल (27 अप्रैल)
आज सोमवार को शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स करीब 600 अंक उछलकर 77,300 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, निफ्टी में 200 अंकों की बढ़त देखी गई और यह 24,100 के महत्वपूर्ण स्तर पर ट्रेड कर रहा है।
आज सबसे ज्यादा खरीदारी IT, मेटल और फार्मा शेयरों में देखी जा रही है। एशियाई बाजारों में भी मजबूती है। साउथ कोरिया का कोस्पी (KOSPI) 2.27% और जापान का निक्केई 45% ऊपर ट्रेड कर रहे हैं।
24 अप्रैल की बड़ी गिरावट
आंकड़ों के मुताबिक, शुक्रवार (24 अप्रैल) को बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी:
- सेंसेक्स: 1000 अंक गिरकर 76,664 पर बंद हुआ।
- निफ्टी: 275 अंक गिरकर 23,898 के स्तर पर रहा।
- टॉप लूजर्स: IT सेक्टर के दिग्गजों में भारी बिकवाली रही। Infosys (6.92%), HCL Tech (5.88%) और TCS (4.79%) सबसे ज्यादा टूटने वाले शेयर थे।
- टॉप गेनर्स: गिरावट के बावजूद कोल इंडिया (97%) और ट्रेंट (0.91%) जैसे शेयरों में मामूली बढ़त दिखी।
विदेशी निवेशकों (FIIs) की भारी बिकवाली
डेटा के अनुसार, अप्रैल महीने में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने भारतीय बाजार से बड़े पैमाने पर पैसा निकाला है:
- 24 अप्रैल का डेटा: विदेशी निवेशकों ने एक ही दिन में ₹8,827.87 करोड़ के शेयर बेचे।
- इस महीने अब तक FII/FPI कुल ₹56,363.96 करोड़ की शुद्ध बिकवाली (Net Sell) कर चुके हैं।
- DII का सहारा: हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने बाजार को संभालने की कोशिश की है और इस महीने अब तक ₹39,478.67 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की है।
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude) की कीमतें 106 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई हैं। इसका मुख्य कारण ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ (Strait of Hormuz) को लेकर बढ़ी भू-राजनीतिक चिंताएं और तेल की मजबूत मांग है।
आज की बढ़त निवेशकों के लिए राहत भरी खबर है, खासकर IT और फार्मा सेक्टर में आई खरीदारी से सेंटिमेंट सुधरा है। हालांकि, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली अभी भी बाजार के लिए एक चुनौती बनी हुई है।












