झारखंड में स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। विकास आयुक्त की अध्यक्षता वाली राज्य योजना प्राधिकृत समिति ने 5917 करोड़ रुपए की छह बड़ी स्वास्थ्य परियोजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इन योजनाओं के लागू होने से राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स पर मरीजों का दबाव कम होगा और गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भरता भी घटेगी।
अब स्वास्थ्य विभाग इन प्रस्तावों को कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजेगा। कैबिनेट से हरी झंडी मिलने के बाद परियोजनाओं पर काम शुरू किया जाएगा।
4149 करोड़ से बनेगा RIMS-2
इन परियोजनाओं में सबसे बड़ी योजना रांची में प्रस्तावित रिम्स-2 अस्पताल की है। इसके लिए 4149 करोड़ रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। नया RIMS-2 अस्पताल 2800 बेड का अत्याधुनिक सुपर स्पेशलिटी संस्थान होगा।
प्रस्तावित संस्थान में:
- एमबीबीएस की 200 सीटें
- पीजी मेडिकल की 200 सीटें
- सुपर स्पेशलिटी की 200 सीटें
उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे राज्य में मेडिकल शिक्षा और विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या में बड़ा इजाफा होगा।
रिम्स पर कम होगा मरीजों का दबाव
1960 में स्थापित रिम्स (पूर्व में आरएमसीएच) वर्तमान में 1500 बेड वाला सुपर स्पेशलिटी अस्पताल है। यहां प्रतिदिन करीब 3500 मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं। लगातार बढ़ती मरीज संख्या के कारण सभी को उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधा देना चुनौती बनता जा रहा है।
सरकार का मानना है कि RIMS-2 बनने के बाद मरीजों को बेहतर और तेज स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
राज्य से हर साल 1.20 लाख मरीज जाते हैं बाहर
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार झारखंड की करीब 4 करोड़ आबादी के लिए अभी केवल 10 मेडिकल कॉलेज हैं, जिनमें:
- 7 सरकारी
- 3 निजी मेडिकल कॉलेज
शामिल हैं।
राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC) के मानकों के अनुसार हर 10 लाख की आबादी पर एक मेडिकल कॉलेज होना चाहिए। इस हिसाब से राज्य में करीब 40 मेडिकल कॉलेजों की आवश्यकता है।
वर्तमान में:
- एमबीबीएस की केवल 246 सीटें
- सुपर स्पेशलिटी की मात्र 41 सीटें
उपलब्ध हैं। विशेषज्ञ इलाज की कमी के कारण हर साल लगभग 1.20 लाख मरीज बेहतर उपचार के लिए दूसरे राज्यों का रुख करते हैं।
मेडिको सिटी बनाने की भी तैयारी
राज्य सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए मेडिको सिटी विकसित करने की योजना पर भी काम कर रही है। इस परियोजना पर करीब 284 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है।
इस परियोजना के लिए:
- Indian Institute of Management Ranchi को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
- Xavier Institute of Social Service को इंपैक्ट असेसमेंट
के लिए नामित किया जाएगा।
RIMS-2 के लिए जमीन चिन्हित
जानकारी के अनुसार रांची डीसी की ओर से रिम्स-2 के लिए 120 एकड़ भूमि की बाउंड्री कराई जा चुकी है। इसके अलावा रिंग रोड और पतरातू रोड के किनारे अतिरिक्त जमीन चिन्हित की जा रही है।
साथ ही Indian Institute of Management Ranchi के लिए प्रस्तावित 77 एकड़ भूमि स्वास्थ्य विभाग को ट्रांसफर की जाएगी। अतिरिक्त 100 एकड़ जमीन कांके अंचल के मौजा हुसीर-नगड़ी से अधिग्रहित की जाएगी।
जमशेदपुर और धनबाद मेडिकल कॉलेजों का भी होगा विस्तार
सरकार ने जमशेदपुर स्थित MGM Medical College को 500 बेड वाले अस्पताल में विकसित करने के लिए 542 करोड़ रुपए की पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति दी है। वहीं एमबीबीएस और पीजी सीटें बढ़ाने के लिए 394 करोड़ रुपए की अतिरिक्त मंजूरी भी दी गई है।
इसके अलावा धनबाद स्थित Shahid Nirmal Mahto Medical College and Hospital में एमबीबीएस सीटें बढ़ाने और नए पीजी विषय शुरू करने के लिए 495 करोड़ रुपए की परियोजना को प्रशासनिक स्वीकृति मिली है।
रांची सदर अस्पताल में बनेगी कैथ लैब
रांची सदर अस्पताल परिसर में कैथ लैब स्थापित करने के लिए 11 करोड़ रुपए की योजना को भी मंजूरी दी गई है। रिम्स के कार्डियोलॉजी विभाग में बढ़ते मरीजों को देखते हुए यह सुविधा शुरू की जाएगी, जिससे हृदय रोगियों को बेहतर इलाज मिल सकेगा।
झारखंड सरकार की ये स्वास्थ्य परियोजनाएं राज्य के मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को नई दिशा दे सकती हैं। RIMS-2, मेडिको सिटी और मेडिकल कॉलेजों के विस्तार से न केवल इलाज की सुविधाएं बेहतर होंगी, बल्कि राज्य मेडिकल शिक्षा और सुपर स्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाओं का बड़ा केंद्र बन सकता है।









