नई दिल्ली। सोशल एक्टिविस्ट Sonam Wangchuk ने सफदरजंग अस्पताल में अपने अनशन के 23वें दिन भी भूख हड़ताल जारी रखने का फैसला किया है। उन्होंने हाथ से लिखे एक नोट के जरिए कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं के साथ हो रही कार्रवाई और कथित बर्बरता को देखते हुए उन्होंने अपना अनशन समाप्त नहीं करने का निर्णय लिया है।
Sonam Wangchuk ने अपने संदेश में कहा कि जब तक युवा प्रतिनिधियों को संसद भवन में सांसदों से मिलने की अनुमति नहीं दी जाती या फिर उन्हें अस्पताल में आकर उनसे मिलने की इजाजत नहीं मिलती, तब तक उनका अनशन जारी रहेगा। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि इससे पहले सरकार शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करने की दिशा में कदम उठाएगी।
“युवा उकसावे के बावजूद शांत रहे”
अपने नोट में Sonam Wangchuk ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं की सराहना करते हुए लिखा कि वे इस बात से बेहद प्रभावित और भावुक हैं कि लगातार उकसावे के बावजूद आंदोलनकारी शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध का सम्मान होना चाहिए और युवाओं को अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए।
Day #23
I’ll continue my fast……….. pic.twitter.com/rfohA8iMkx— Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) July 20, 2026
सरकार और पुलिस से समाधान निकालने की अपील
Sonam Wangchuk ने केंद्र सरकार और पुलिस प्रशासन से अपील की कि आंदोलन का समाधान जल्द निकाला जाए। उन्होंने कहा कि छात्रों को संसद के सामने अपनी शिकायतें और मांगें रखने की अनुमति दी जानी चाहिए, ताकि बातचीत के जरिए स्थिति सामान्य हो सके।
प्रदर्शनकारियों से धैर्य बनाए रखने की अपील
सफदरजंग अस्पताल से जारी अपने संदेश में वांगचुक ने आंदोलन में शामिल युवाओं से भी शांति और संयम बनाए रखने की अपील की। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदर्शनकारी आगे भी धैर्य और सहनशीलता के साथ अपना आंदोलन जारी रखेंगे।
फिलहाल दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज है। वहीं, सोनम वांगचुक का अनशन लगातार जारी रहने से इस पूरे आंदोलन पर देशभर की नजर बनी हुई है।








