Lifestyle News: आज के समय में पुरुषों में स्पर्म काउंट (शुक्राणुओं की संख्या) में लगातार गिरावट देखी जा रही है. यह न सिर्फ पुरुषों की प्रजनन क्षमता (fertility) पर असर डाल रहा है, बल्कि कई जोड़ों के लिए पेरेंटहुड (parenthood) एक मुश्किल सपना बनता जा रहा है. मेडिकल रिपोर्ट्स बताती हैं कि पिछले 40 वर्षों में पुरुषों का औसत स्पर्म काउंट लगभग 50% तक गिर चुका है.
तो आखिर क्यों घट रही है पुरुषों की उर्वरता? और क्या इस पर रोक लगाई जा सकती है?
स्पर्म काउंट कम होने के मुख्य कारण
- खराब जीवनशैली: धूम्रपान, शराब, ड्रग्स और अत्यधिक जंक फूड शुक्राणुओं की गुणवत्ता को सीधा नुकसान पहुंचाते हैं.
- तनाव (Stress): क्रॉनिक तनाव हार्मोन बैलेंस बिगाड़ता है, जिससे टेस्टोस्टेरोन लेवल और स्पर्म प्रोडक्शन प्रभावित होते हैं.
- मोबाइल और लैपटॉप की गर्मी: लगातार गोद में लैपटॉप रखने या जेब में मोबाइल रखने से टेस्टीज का तापमान बढ़ता है, जिससे स्पर्म काउंट घटता है.
- नींद की कमी: रोज़ाना 7-8 घंटे की नींद जरूरी है. नींद की कमी हार्मोन असंतुलन का कारण बनती है.
- प्रदूषण और केमिकल्स: कीटनाशकों, प्लास्टिक और कैमिकल युक्त उत्पादों से एक्सपोजर भी शुक्राणुओं की संख्या और गुणवत्ता पर असर डालता है.
- मोटापा (Obesity): शरीर में चर्बी बढ़ने से टेस्टोस्टेरोन घटता है, जिससे फर्टिलिटी कम होती है.
क्या स्पर्म फ्रीज़ करवाया जा सकता है भविष्य के लिए?
स्पर्म फ्रीज़िंग (Sperm Freezing) एक आधुनिक और सुरक्षित तकनीक है, जिसे Cryopreservation कहा जाता है. इसमें शुक्राणुओं को बहुत ही कम तापमान पर फ्रीज़ कर लिया जाता है, ताकि भविष्य में जब आवश्यकता हो (जैसे शादी देर से हो, इलाज कराना हो, या स्पर्म क्वालिटी खराब हो रही हो), तब IVF या IUI प्रक्रिया में इसका उपयोग किया जा सके.
स्पर्म फ्रीज़िंग किनके लिए ज़रूरी हो सकता है?
- जिनकी उम्र बढ़ रही है और वे भविष्य में बच्चे की प्लानिंग करना चाहते हैं
- कैंसर या किसी गंभीर बीमारी का इलाज शुरू करने वाले पुरुष
- जिनका स्पर्म काउंट लगातार गिर रहा है
- जिन्होंने वैसक्टॉमी करवाई है लेकिन भविष्य में विकल्प खुला रखना चाहते हैं
फ्रीज़ किया गया स्पर्म 10-15 साल या उससे अधिक समय तक सुरक्षित रह सकता है.
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कैसे बढ़ाएं स्पर्म काउंट और गुणवत्ता?
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संतुलित आहार लें
- जिंक और फोलिक एसिड युक्त चीजें: दालें, बीज, अंडे, पालक
- एंटीऑक्सीडेंट फूड्स: टमाटर, बेरीज़, अखरोट
- ओमेगा-3 फैटी एसिड: मछली, अलसी, चिया सीड्स
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व्यायाम करें, लेकिन संतुलन से
- नियमित योग और हल्का वर्कआउट टेस्टोस्टेरोन लेवल बढ़ाने में मदद करता है.
- ओवर एक्सरसाइज या स्टेरॉइड्स का सेवन नुकसानदायक हो सकता है.
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तनाव कम करें
- मेडिटेशन, गहरी सांसें लेना और नींद सुधारना फायदेमंद है.
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नशा छोड़ें
- शराब, सिगरेट और किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहना चाहिए.
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टाइट अंडरवियर न पहनें
- ढीले और सूती कपड़े पहनना बेहतर होता है ताकि टेस्टीज का तापमान नियंत्रित रहे.
स्पर्म काउंट में गिरावट एक गंभीर लेकिन सुधार योग्य समस्या है. अगर समय रहते हेल्थ को प्राथमिकता दी जाए और ज़रूरी जांच व इलाज करवाया जाए, तो न सिर्फ इस समस्या से बचा जा सकता है, बल्कि भविष्य में पिता बनने का सपना भी सुरक्षित किया जा सकता है.













