Purulia: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को पुरुलिया में करम परब के दौरान कुरमाली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने की घोषणा की। कराडी मैदान में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि कुरमी समाज की लंबे समय से चली आ रही इस मांग पर सरकार जल्द प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने कुरमाली के साथ राजबंशी भाषा को भी आठवीं अनुसूची में शामिल करने की बात कही।
कराडी मैदान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का अजीत महतो, ज्योतिर्मय सिंह महतो, विश्वजीत महतो और सुदेश महतो ने कुर्मी लोगों की पारंपरिक पीली पगड़ी और उत्तरीय पहनाकर मंच पर स्वागत किया।
पिछली सरकार के कार्यकाल में दर्ज सभी केस वापस होंगे
करम उत्सव में शामिल होते हुए भावुक मुख्यमंत्री ने कहा, “यह पहली बार है जब किसी मुख्यमंत्री को इस उत्सव में शामिल होने का मौका मिला है, जो मेरे लिए एक बड़ी उपलब्धि है।” मुख्यमंत्री ने एक और बड़ी घोषणा की। उन्होंने दावा किया कि पिछली सरकार के कार्यकाल में दर्ज सभी केस वापस ले लिए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार जंगलमहल के मज़दूरों के सही अधिकार पक्का करने की ज़िम्मेदारी भी लेगी। शुभेंदु ने जंगलमहल के पहाड़ों, जंगलों और कुदरती माहौल की रक्षा करने का भी वादा किया। उन्होंने कहा कि विकास के साथ-साथ जंगलमहल की कुदरत और माहौल की भी रक्षा की जाएगी।









