Jharkhand: आदिवासी कुड़मी समाज ने अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने की मांग पूरी न होने पर ”रेल टेका” से भी उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। शुक्रवार को सोनारी के देवेंद्र सेवा सदन में आयोजित बैठक में ”रेल टेका” व ”डहर छेका” आंदोलन की समीक्षा बैठक की गई।
झूठे मुकदमों को तत्काल वापस लेने की रखी मांग
कुड़मी समाज ने आंदोलनकारियों पर दर्ज झूठे मुकदमों को तत्काल वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि यह उनके संवैधानिक अधिकार और ऐतिहासिक न्याय की लड़ाई है, जिससे वे किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेंगे।
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“दमन से हमारा आंदोलन कमजोर नहीं होगा”
अगर सरकार ने मांगे नहीं मानी तो फिर चक्का जाम होगा। झारखंड, ओडिशा और बंगाल से जुटे समाज के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता और समाज के मूलमानता अजीत प्रसाद महतो ने कहा, बंगाल में पुलिस घरों में घुसकर हमारे लोगों को जेल भेज रही है। यह सरकार का डर और हमारी जीत का प्रतीक है। दमन से हमारा आंदोलन कमजोर नहीं, बल्कि और मजबूत होगा।












