भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के बाद तुर्की द्वारा पाकिस्तान का समर्थन किए जाने से देशभर में ‘Boycott Turkey’ की आवाज़ तेज हो गई है. इसी कड़ी में पुणे के व्यापारियों ने तुर्की से आयात होने वाले सेबों का बहिष्कार करते हुए ‘Ban Turkey’ अभियान की शुरुआत की है. अब तुर्की के सेब पुणे के फल बाजारों से लगभग गायब हो चुके हैं.
इस बहिष्कार का सीधा असर बाजार में दिखाई दे रहा है. जहां पहले तुर्की के सेबों से सालाना 1000 से 1200 करोड़ रुपये का कारोबार होता था, वहीं अब इनकी मांग में तेज गिरावट दर्ज की गई है. ग्राहक भी अब तुर्की के सेबों को नजरअंदाज़ कर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, ईरान और अन्य स्रोतों से आए सेबों को प्राथमिकता दे रहे हैं.
व्यापारियों ने देशभक्ति को बताया प्राथमिक कारण
कृषि उपज बाजार समिति (APMC) के सेब व्यापारी सुयोग झेंडे ने बताया कि उन्होंने तुर्की से सेब खरीदना पूरी तरह बंद कर दिया है. उन्होंने कहा, “हम अब हिमाचल, उत्तराखंड और ईरान से सेब मंगा रहे हैं. यह केवल व्यापार का फैसला नहीं है, यह देशभक्ति और भारत की सेना व सरकार के प्रति समर्थन का प्रतीक है.”
व्यापारियों का कहना है कि यह कदम सिर्फ आर्थिक नहीं, बल्कि भावनात्मक और राष्ट्रीय भावना से जुड़ा है. “जब तुर्की खुलेआम पाकिस्तान का समर्थन करता है, तो हम ऐसे देश के उत्पाद क्यों बेचें?













