रांची: मोहर्रम के अवसर पर राजधानी रांची के डोरंडा बाजार से निकाले गए जुलूस में इस बार कुछ अलग ही नजारा देखने को मिला. ताजिया और मातम की परंपरा के साथ इस बार जुलूस में ‘ऑपरेशन सिन्दूर’ की झलक दिखाई दी. सामाजिक सौहार्द और एकता का संदेश देते हुए जुलूस में हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई समुदायों के प्रतीक चिन्हों के साथ मात्र 1 और 2 रुपये के सिक्कों से बनी झांकी को शामिल किया गया, जिसने लोगों का ध्यान खींचा.
युवाओं का जोश देखने लायक
इस झांकी के जरिए भाईचारे और इंसानियत का संदेश दिया गया. या अली और देश भागती जैसे गीतों की गूंज के बीच ताशा और ढोल की थाप पर युवाओं का जोश भी देखने लायक था. जुलूस में शामिल लोगों ने बारिश की परवाह किए बिना मातम किया और इमाम हुसैन की कुर्बानी को याद करते हुए सीनाजनी की.
View this post on Instagram
read more- मुहर्रम जुलूस में तेज़ डीजे की आवाज़ बनी जानलेवा, 72 वर्षीय महिला की मौत
जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह मुस्तैद
सुरक्षा के मद्देनज़र जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह मुस्तैद रही. सिटी एसपी के नेतृत्व में फ्लैग मार्च किया गया था. खासतौर पर डोरंडा से लेकर मेन रोड तक हर प्रमुख चौक-चौराहे पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी. जुलूस के रूट पर सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद रही ताकि किसी प्रकार की अफरा-तफरी न हो.
read more- झारखंड में पुल टूटा, लेकिन रुकी नहीं पढ़ाई! जान जोखिम में डाल रहे हैं ये मासूम बच्चे
ड्रोन कैमरों की मदद से की जा रही जुलूस की निगरानी
ड्रोन कैमरों की मदद से भी जुलूस की निगरानी की गई, जबकि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर भी विशेष नजर रखी जा रही है.













