रांची: हटिया मजदूर यूनियन ने आज यानी 6 जुलाई को अपने कार्यालय में कार्यकारिणी की बैठक आयोजित कर केंद्र सरकार की श्रम विरोधी नीतियों के खिलाफ बड़ा ऐलान किया। यूनियन ने HEC मजदूरों से अपील की है कि वे 9 जुलाई को प्रस्तावित देशव्यापी हड़ताल में सक्रिय भागीदारी करें और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष करें।
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केंद्र कॉरपोरेट घरानों को श्रमिकों का खुला शोषण करने की दे दी छूट
यूनियन के कार्यकारी अध्यक्ष हरेंद्र प्रसाद यादव ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि मोदी सरकार द्वारा लागू की गई चार श्रम संहिताएं मजदूरों पर गुलामी थोपने का दस्तावेज हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन संहिताओं के कारण छुट्टी, पेंशन, बोनस और सामाजिक सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं पर रोक लगाई जा रही है और मालिकों व कॉरपोरेट घरानों को श्रमिकों का खुला शोषण करने की छूट मिल गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि फिक्स्ड टर्म एम्प्लॉयमेंट (FTE) के तहत ठेका मजदूरों की मिली-जुली सुविधाएं छीन ली जा रही हैं। यदि समय रहते मजदूरों ने संगठित होकर संघर्ष नहीं किया तो न्यूनतम वेतन, मजदूरी भुगतान कानून, पे-रिवीजन जैसी व्यवस्था खत्म हो जाएगी।
यूनियन ने निम्न कार्यक्रम किया तय
हड़ताल को सफल बनाने के लिए यूनियन ने निम्न कार्यक्रम तय किए हैं। जिसमें 7 जुलाई को राज्यस्तरीय ट्रेड यूनियनों द्वारा तैयार किए गए पर्चों का प्लांटों में वितरण। श्रम संहिता में कटौती के विरोध में बैज बनवाकर सभी मजदूरों को पहनाना और 9 जुलाई को दोपहर 1 बजे HEC मुख्यालय पर आमसभा सह प्रदर्शन का आयोजन, जिसमें मजदूर बैज लगाकर शामिल होंगे।













