रांची: झारखंड में गर्भवती महिलाओं को अस्पताल तक सुरक्षित और समय पर पहुंचाने के लिए चलाई जा रही ममता वाहन सेवा अब और आधुनिक तकनीक से लैस होगी। जल्द ही यह सेवा ओला-उबर की तर्ज पर ऐप आधारित बन जाएगी।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने जानकारी दी कि इस काम के लिए आईसीआईसीआई बैंक को मोबाइल ऐप विकसित करने का निर्देश दिया गया है। ऐप के जरिए जैसे ही गर्भवती महिला अस्पताल जाने के लिए वाहन बुक करेगी, नजदीकी सभी ममता वाहन को संदेश मिल जाएगा और जो वाहन सबसे पास होगा, वह तुरंत मौके पर पहुंच जाएगा।
निजी वाहन चालक भी जुड़ेंगे
इस ऐप की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि इसमें निजी वाहन चालक भी रजिस्ट्रेशन कर अपनी गाड़ी को सेवा से जोड़ सकेंगे। इससे ग्रामीण और दूरदराज की महिलाओं को सीधा लाभ मिलेगा, जिन्हें अक्सर एंबुलेंस या ममता वाहन देर से पहुंचने की समस्या झेलनी पड़ती है।
बढ़ेगी 108 एंबुलेंस की संख्या
अभियान निदेशक ने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने के लिए 30 नए एंबुलेंस खरीदे जा रहे हैं। इसके अलावा 200 नए एंबुलेंस खरीदने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री को भेजा गया है। वर्तमान में करीब 210 एंबुलेंस पुराने हो चुके हैं, जिनकी जांच कर इन्हें कबाड़ घोषित किया जा सकता है। नए वाहन उपलब्ध होने तक इनका उपयोग जारी रहेगा।
सभी सदर अस्पतालों का होगा विकास
राज्य सरकार ने योजना बनाई है कि सभी सदर अस्पतालों को रांची सदर अस्पताल की तर्ज पर विकसित किया जाए। इनमें विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति की जाएगी। फिलहाल ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की भारी कमी है, जिसे दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। आने वाले समय में सदर अस्पतालों को विशेषज्ञ सेवाओं और बेहतर जांच सुविधाओं से लैस किया जाएगा।
स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा
शशि प्रकाश झा ने कहा कि झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए लगातार नई योजनाएं लागू की जा रही हैं। एंबुलेंस की संख्या बढ़ाने से लेकर ममता वाहन सेवा को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने तक हर पहलू पर काम किया जा रहा है। उनका कहना था कि मरीजों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा मिले, यही सरकार की प्राथमिकता है।












