Religion News: शारदीय नवरात्रि 2025 का पावन पर्व शुरु हो चुका है. मालूम हो कि, नवरात्रि का हर एक दिन मां दुर्गा के नौ स्वरुपों में से एक विशेष स्वरुप को समर्पित होता है. जहां, मां शैलपुत्री की पूजा से नवरात्रि की शुरुआत हुई. वहीं आज दूसरे दिन मां मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाएगी.
बता दें, मां ब्रह्मचारिणी को ज्ञान, तपस्या और वैराग्य का प्रतीक कहा जाता है। उनकी पूजा से व्यक्ति को बुद्धि, आत्मबल और शांति की प्राप्ती होती है।
मां ब्रह्मचारिणी की पूजा का शुभ मुहूर्त (23 सितंबर 2025)
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:54 से सुबह 05:41 तक
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:08 से 12:56 तक
- सायाह्न सन्ध्या मुहूर्त: शाम 06:35 से 07:46 तक
इन शुभ समयों में मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करना विशेष फलदायक माना जाता है।
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मां को प्रिय वस्तुएं:
- पुष्प: चमेली के फूल
- रंग: सफेद और पीला
- मिठाई: दूध से बनी मिठाइयां
- फल: केला, सेब और संतरा
देवी की पूजा विधि:
- सुबह-सुबह स्नान कर सफेद या पीले वस्त्र पहने.
- पूजा स्थल पर मां ब्रह्मचारिणी के चित्र को स्थापित करें.
- हाथ में जल या अक्षत लेकर व्रत का संकल्प लें.
- माता को फल, फूल, मिठाई, वस्त्र, अक्षत और चंदन चढ़ाएं.
- दीपक और धूप जलाकर पूजा की शुरुआत करें.
- मां ब्रह्मचारिणी के मंत्र जाप करें, व्रत कथा पढ़ें या सुनें.
- आरती करके पूजा संपन्न करें.
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