Ranchi : भाजपा सांसद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी निशिकांत दुबे की पत्नी की संपत्ति में पिछले 15 वर्षों के दौरान हुई भारी वृद्धि पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। पार्टी ने दुबे के चुनावी हलफनामों और उनकी पत्नी अनामिका गौतम के आयकर रिटर्न का हवाला देते हुए कहा कि 2009 में जहां उनकी संपत्ति 50 लाख रुपये थी, वहीं 2024 में यह बढ़कर 31.32 करोड़ रुपये हो गई।
इंदिरा भवन स्थित कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकार वार्ता के दौरान पार्टी प्रवक्ता और सोशल मीडिया एवं डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म्स की अध्यक्ष सुप्रिया श्रीनेत ने दुबे दंपती से स्पष्टीकरण मांगते हुए मामले की गहन जांच की मांग की।
ये मोदी सरकार के भ्रष्टाचार मिटाने के खोखले दावों को बेनकाब करता है
निशिकांत दुबे द्वारा 2009 से 2024 के बीच दाखिल किए गए अपने चुनावी हलफनामों का हवाला देते हुए श्रीनेत ने कहा कि 2009 में उनकी पत्नी अनामिका गौतम के पास 50 लाख रुपये की चल संपत्ति थी, जबकि उनके नाम कोई अचल संपत्ति नहीं थी। 2014 के चुनावी हलफनामे में दुबे ने अपनी पत्नी की 1.03 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 5.53 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति का उल्लेख किया था। 2019 में उनकी चल संपत्ति बढ़कर 3.72 करोड़ रुपये और उनकी अचल संपत्ति बढ़कर 9.33 करोड़ रुपये हो गई। 2024 में उनकी चल और अचल संपत्ति का कुल मूल्य लगभग 40 करोड़ रुपये था, जिसमें से आठ करोड़ रुपये विभिन्न लोगों से लिए गए ऋण के रूप में थे। इस ऋण की राशि को घटाकर उनकी संपत्ति 31.32 करोड़ रुपए दर्शाई गई है।
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श्रीनेत बोलीं- विपक्षी नेताओं पर झूठे आरोप लगाए जाते हैं, जबकि भाजपा नेताओं के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती
कांग्रेस नेता ने बताया कि 2013-14 में निशिकांत दुबे की पत्नी अनामिका गौतम की वार्षिक आय करीब चार लाख रुपये थी, जो 2017-18 में 54 गुना बढ़कर 2.16 करोड़ रुपये हो गई। इसके बाद जब उनकी संपत्ति 31.32 करोड़ रुपये हुई, तब उनकी आय 2.63 करोड़ रुपये थी। कांग्रेस नेता ने सवाल उठाते हुए कहा कि आय और संपत्ति में कहीं तालमेल नहीं है।
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श्रीनेत ने 2024 के हलफनामे में दर्शाए गए आठ करोड़ 28 लाख के लोन पर भी सवाल उठाए, जो चार अलग-अलग लोगों से लिया गया। उन्होंने संदेह जताया कि यह असुरक्षित ऋण हो सकता है, जो बिना किसी संपत्ति को गिरवी रखे लिया गया है। साथ ही श्रीनेत ने कहा कि दुबे ने दावा किया था कि अभिषेक झा ने उन्हें एक करोड़ रुपये उधार दिए थे जबकि झा ने किसी भी तरह का कोई ऋण देने से इनकार किया है। उन्होंने बताया कि झा ने संसदीय चुनाव में दुबे के खिलाफ निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव भी लड़ा था।
दुबे दंपती से स्पष्टीकरण मांगा; गहन जांच की मांग
कांग्रेस नेता ने कहा कि यह भ्रष्टाचार का एक स्पष्ट मामला है, क्योंकि आय से अधिक संपत्ति अर्जित की गई है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री और भाजपा की चुप्पी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं पर झूठे और निराधार आरोप लगाए जाते हैं, जबकि भाजपा अपने नेताओं के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करती। ये मोदी सरकार के भ्रष्टाचार मिटाने के खोखले दावों को बेनकाब करता है।
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लोकपाल के कामकाज में पारदर्शिता की मांग करते हुए श्रीनेत ने बताया कि 24 मई 2025 को लोकपाल में दुबे के खिलाफ शिकायत दर्ज हुई। 24 जुलाई को लोकपाल की पूरी बेंच ने उन्हें चार सप्ताह में जवाब देने का आदेश दिया था। लेकिन अभी तक यह पता नहीं चला है कि दुबे ने कोई जवाब दिया है या नहीं और उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है।












