Jharkhand News: झारखंड विधानसभा में एक बार फिर नियुक्ति-प्रोन्नति घोटाले का मामला सामने आया है। यह तीसरी बार है जब विधानसभा में इस तरह की अनियमितता उजागर हुई है। हाईकोर्ट में सीबीआई जांच की मांग को लेकर रिट याचिका दायर होने के बाद विधानसभा ने पूरी नियुक्ति प्रक्रिया को रद्द कर दिया है।
यह मामला सीमित परीक्षा के माध्यम से चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों को तृतीय वर्ग (कनीय सचिवालय सहायक) के पद पर प्रोन्नति से जुड़ा है। विधानसभा ने इसके लिए 26 जून 2024 को परीक्षा का आदेश जारी किया था, जिसमें चपरासी, दरबान, फर्राश, दफ्तरी आदि कर्मचारी शामिल हुए।
पहली परीक्षा 14 जुलाई 2024 को रांची के कैराली स्कूल में हुई, लेकिन कोई भी अभ्यर्थी सफल नहीं हुआ। इसके बाद दूसरी परीक्षा 14 सितंबर 2025 को रामगढ़ के राधा गोविंद कॉलेज में आयोजित की गई, जिसका परिणाम 16 सितंबर 2025 को जारी हुआ।
दूसरी परीक्षा के परिणाम में भारी विसंगतियां पाई गईं। पहली परीक्षा में टाइपिंग स्पीड और अंकों का स्पष्ट उल्लेख था, जबकि दूसरी परीक्षा में केवल “Qualified” और “Not Qualified” लिखा गया। इससे मनचाहे कर्मचारियों को पास दिखाया गया।
हाईकोर्ट में याचिका दायर होते ही विधानसभा ने प्रक्रिया को “अपरिहार्य कारणों” से रद्द कर दिया। इस परीक्षा में जिन 23 कर्मचारियों को पास घोषित किया गया, वे सभी पहली परीक्षा में असफल हुए थे।













