National News: संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू हो गया। सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया से करीब 10 मिनट बातचीत की और कहा कि “भारत ने सिद्ध कर दिया है कि डेमोक्रेसी कैन डिलीवर। यह सत्र विकसित भारत के संकल्प में नई ऊर्जा भरने का अवसर है। विपक्ष पराजय की निराशा से बाहर आए और मजबूत मुद्दे उठाए।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह सत्र “पराजय की हताशा या विजय के अहंकार” का मंच नहीं बनना चाहिए। उन्होंने अपील की कि नई पीढ़ी के सांसद वरिष्ठ सदस्यों के अनुभव का लाभ उठाएं और सदन में ड्रामा की जगह डिलीवरी हो।
पहले दिन से हंगामे के संकेत विपक्ष की सुरक्षा, SIR और लेबर कोड पर चर्चा की मांग
सत्र की शुरुआत से ही टकराव के हालात दिखने लगे हैं। विपक्ष SIR, आंतरिक सुरक्षा और लेबर कोड पर चर्चा की मांग कर रहा है, जबकि सरकार वंदे मातरम् पर चर्चा कराना चाहती है।
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शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से 19 दिसंबर तक चलेगा। कुल 19 दिनों में 15 बैठकें होंगी, जिनमें एटॉमिक एनर्जी बिल सहित 10 नए बिल पेश किए जाने की संभावना है।
लोकसभा में हंगामा, कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित
लोकसभा में प्रश्नकाल शुरू होते ही विपक्षी सदस्य वेल में आ गए और नारेबाजी करने लगे। स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि सदन चर्चा और संवाद का मंच है, इसलिए इसे चलने दिया जाना चाहिए। लेकिन अपील का कोई असर नहीं हुआ और हंगामे के बीच ही कार्यवाही आगे बढ़ी।
कार्यवाही की शुरुआत भारतीय महिला क्रिकेट टीम, ब्लाइंड क्रिकेट टीम और कबड्डी टीम को विश्वकप में मिली सफलता पर बधाई देने से हुई।
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इसके बाद स्पीकर ओम बिरला ने पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल और तीन पूर्व सदस्यों के निधन की जानकारी दी और सदन ने दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।













