Jharkhand News: गोविंदपुर थाना क्षेत्र में बिजली विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी पर महिला की गरिमा भंग करने का गंभीर आरोप लगने के बावजूद प्राथमिकी दर्ज नहीं किए जाने से ग्रामीणों का गुस्सा शनिवार को फूट पड़ा। न्याय की मांग को लेकर आक्रोशित ग्रामीणों ने झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी का काफिला रोककर पूरे मामले से अवगत कराया।
मामला गोविंदपुर थाना क्षेत्र के सहराज गांव से जुड़ा है। ग्रामीणों के अनुसार, बीते दिनों निरसा सब-डिविजन बिजली विभाग के अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) नीतीश कुमार छापेमारी के लिए गांव पहुंचे थे। इसी दौरान एक महिला घर में स्नान कर रही थी। आरोप है कि महिला द्वारा कपड़े बदलने के लिए समय मांगे जाने के बावजूद एसडीओ ने जबरन घर का गेट तोड़कर अंदर प्रवेश किया और छापेमारी की कार्रवाई जारी रखी। इससे महिला की गरिमा भंग हुई।
Jharkhand News: एफआईआर दर्ज नहीं होने के बाद उग्र हुए ग्रामीण
घटना के बाद गांव में भारी आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों और बिजली विभाग की टीम के बीच कहासुनी और झड़प जैसी स्थिति बन गई। आक्रोशित महिलाओं ने एसडीओ को पकड़कर गोविंदपुर थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया, लेकिन आरोप है कि थाना प्रभारी विष्णु राउत ने ग्रामीणों की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज करने में टालमटोल की।
ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि पुलिस ने बिजली विभाग की ओर से दी गई शिकायत पर तो तुरंत मामला दर्ज कर लिया, जबकि महिला से जुड़ी गंभीर शिकायत को नजरअंदाज किया गया। पुलिस की इस कथित एकतरफा कार्रवाई से ग्रामीणों में रोष और बढ़ गया।
Jharkhand News: मंत्री इरफान अंसारी ने तत्काल संज्ञान लिया
इसी आक्रोश के तहत शनिवार को ग्रामीणों ने रांची से अपने गृह क्षेत्र जा रहे झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के काफिले को गोविंदपुर–साहिबगंज मुख्य मार्ग पर पूर्वी टुंडी के शंकरडीह इलाके में रोक लिया और उन्हें पूरी घटना की जानकारी दी।
मौके पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने मामले को गंभीर बताते हुए तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि एसएसपी को दोनों पक्षों की प्राथमिकी दर्ज करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।












