बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव होने की चर्चा इन दिनों तेज है। मुख्यमंत्री Nitish Kumar के राज्यसभा जाने की खबरों ने सियासी हलचल बढ़ा दी है।
हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर सब कुछ साफ नहीं हुआ है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है—अगर नीतीश कुमार दिल्ली की राजनीति में जाते हैं, तो बिहार की कमान आखिर किसके हाथ में जाएगी?
राज्यसभा चुनाव के बाद हो सकता है बड़ा फैसला?
सूत्रों की मानें तो Rajya Sabha Elections 2026 के लिए जेडीयू की ओर से तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। चर्चा है कि नीतीश कुमार राज्यसभा के लिए नामांकन कर सकते हैं।
राजनीतिक हलकों में यह भी कहा जा रहा है कि राज्यसभा चुनाव के बाद यानी 16 मार्च के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई बड़ा फैसला सामने आ सकता है। हालांकि इस पर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
क्या बिहार की राजनीति में होगी नई पीढ़ी की एंट्री?
नीतीश कुमार के संभावित राज्यसभा जाने की चर्चा के साथ ही एक और नाम अचानक सुर्खियों में आ गया है—उनके बेटे Nishant Kumar का।
कुछ राजनीतिक हलकों में यह कयास लगाए जा रहे हैं कि अगर बिहार की राजनीति में नई व्यवस्था बनती है तो निशांत कुमार को उपमुख्यमंत्री के तौर पर आगे लाया जा सकता है। हालांकि अभी यह सिर्फ राजनीतिक चर्चा का हिस्सा है।
नए मुख्यमंत्री को लेकर कई नाम चर्चा में
अगर सच में नेतृत्व परिवर्तन होता है, तो बिहार के अगले मुख्यमंत्री को लेकर कई नाम सामने आ रहे हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- Samrat Choudhary
- Nityanand Rai
- Nitin Nabin
- Shreyasi Singh
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि Bharatiya Janata Party अक्सर नेतृत्व को लेकर चौंकाने वाले फैसले लेती रही है। ऐसे में किसी नए या अप्रत्याशित चेहरे के सामने आने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
NDA की जीत के बाद बदले समीकरण
2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए गठबंधन ने मजबूत प्रदर्शन किया था।
- Bharatiya Janata Party – 89 सीट
- Janata Dal (United) – 85 सीट
गठबंधन में Chirag Paswan की Lok Janshakti Party (Ram Vilas), Jitan Ram Manjhi की Hindustani Awam Morcha और Upendra Kushwaha की Rashtriya Lok Morcha भी शामिल हैं।
ऐसे में अगर नेतृत्व में बदलाव होता है तो इसका असर पूरे गठबंधन की राजनीति पर पड़ सकता है।
दो दशक से ज्यादा का सफर, 10 बार बने मुख्यमंत्री
Nitish Kumar बिहार की राजनीति के सबसे अनुभवी नेताओं में से एक हैं।
- 2000 में पहली बार मुख्यमंत्री बने
- 2005 में फिर सत्ता में वापसी
- 2010 में दोबारा जीत
- 2015 में महागठबंधन के साथ सरकार
- 2017 में फिर एनडीए के साथ
- 2020 और उसके बाद कई राजनीतिक बदलावों के बीच सत्ता में बने रहे
- 2025 में दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली
वह बिहार के ऐसे पहले नेता हैं जिन्होंने 10 बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और सबसे लंबे समय तक सत्ता संभालने का रिकॉर्ड भी उनके नाम है।
अब नजर अगले कदम पर
फिलहाल बिहार की राजनीति में सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या सच में Nitish Kumar राज्यसभा जाएंगे? और अगर ऐसा होता है तो क्या बिहार को नया मुख्यमंत्री मिलेगा?
साथ ही यह भी देखना दिलचस्प होगा कि क्या इस बदलाव के साथ बिहार की राजनीति में कोई नया चेहरा उभरकर सामने आता है।













