Samrat Choudhary होंगे बिहार के नए मुख्यमंत्री
बिहार की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। सम्राट चौधरी बिहार के अगले मुख्यमंत्री होंगे। उन्हें भाजपा विधायक दल का नेता चुन लिया गया है। वहीं, नीतीश कुमार ने सीएम पद से इस्तीफा देकर नई सरकार को अपना समर्थन देने का ऐलान किया है।
Samrat Choudhary बने बीजेपी विधायक दल के नेता
बिहार में सत्ता परिवर्तन की सुगबुगाहट के बीच बीजेपी ने बड़ा फैसला लिया है। सम्राट चौधरी को बीजेपी विधायक दल का नेता चुना गया है। एनडीए (NDA) की बैठक के बाद जल्द ही इसकी औपचारिक घोषणा कर दी जाएगी। जानकारी के अनुसार, कल यानी 15 अप्रैल को पटना के लोकभवन में भव्य शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा, जहां सम्राट चौधरी बिहार के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे।
सम्राट चौधरी (जन्म 16 नवंबर 1968), जिन्हें राकेश कुमार के नाम से भी जाना जाता है, भारतीय राजनीति का एक प्रमुख चेहरा हैं। वर्तमान में वे बिहार के उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री के रूप में सेवा दे रहे थे। प्रखर वक्ता और कुशल रणनीतिकार चौधरी, बिहार भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
Samrat Choudhary: व्यक्तिगत जीवन और पृष्ठभूमि
- जन्म: 16 नवंबर 1968, लखनपुर गाँव, तारापुर (मुंगेर), बिहार।
- परिवार: सम्राट चौधरी एक प्रतिष्ठित राजनीतिक परिवार से आते हैं। उनके पिता शकुनी चौधरी सात बार विधायक और सांसद रहे हैं, और माता पार्वती देवी भी तारापुर से विधायक रह चुकी हैं।
- शिक्षा: प्राथमिक शिक्षा के बाद उन्होंने मदुरै कामराज विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त की।
- जाति: वे कोइरी (कुशवाहा) समुदाय से आते हैं, जिसे बिहार की राजनीति में एक प्रभावशाली आधार माना जाता है।
Samrat Choudhary के राजनीतिक करियर की मुख्य उपलब्धियाँ
सम्राट चौधरी का राजनीतिक सफर तीन दशकों से अधिक का है, जिसमें उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया:
| वर्ष | पद / उपलब्धि |
| 1990 | सक्रिय राजनीति में प्रवेश। |
| 1999 | कृषि मंत्री (बिहार सरकार) के रूप में पहली बार शपथ। |
| 2000-2010 | परबत्ता विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित। |
| 2014 | शहरी विकास और आवास विभाग के मंत्री बने। |
| 2021 | पंचायती राज मंत्री (नीतीश कैबिनेट) के रूप में कार्यभार संभाला। |
| 2022 | बिहार विधान परिषद में विपक्ष के नेता चुने गए। |
| 2023-24 | भाजपा बिहार इकाई के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में कमान संभाली। |
| 2024-25 | लगातार दो बार बिहार के उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। |
उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री के रूप में ऐतिहासिक निर्णय
2025 के विधानसभा चुनावों के बाद, सम्राट चौधरी को गृह मंत्रालय की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई। उनके कार्यकाल के कुछ प्रमुख क्रांतिकारी कदम हैं:
कानून व्यवस्था और ‘बुलडोजर मॉडल’
उत्तर प्रदेश की तर्ज पर बिहार में भी अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की गई। उन्होंने ‘अपराधी या तो सुधरें या बिहार छोड़ें’ का नारा दिया और अवैध अतिक्रमण के खिलाफ ‘बुलडोजर’ अभियान चलाया।
महिला सुरक्षा: अभय ब्रिगेड और पिंक पुलिसिंग
सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए ‘अभय ब्रिगेड’ और ‘पिंक पुलिसिंग’ की शुरुआत की गई। साथ ही, छेड़छाड़ रोकने के लिए ‘एंटी-रोमियो दस्ते’ तैनात किए गए।
पुलिस कल्याण और आधुनिकरण
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पुलिस आवासीय विद्यालय: पुलिसकर्मियों के बच्चों के लिए 40 पुलिस लाइनों में स्कूलों की स्थापना।
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कैशलेस इलाज: पुलिस अधिकारियों के लिए चिकित्सा बीमा प्रक्रिया को सरल बनाया।
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जनता दरबार: हर थाने में जनता दरबार अनिवार्य किया गया ताकि आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके।
बुनियादी ढांचा: पटना मेट्रो
उपमुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने दिल्ली मेट्रो रेल निगम (DMRC) के सहयोग से पटना मेट्रो परियोजना के कार्यों में तेजी लाने और परिवहन सुविधाओं के आधुनिकीकरण के लिए ₹200 करोड़ के निवेश की घोषणा की।
राजनीतिक विचारधारा और संकल्प
सम्राट चौधरी अपनी ‘प्रतीकात्मक राजनीति’ के लिए भी चर्चा में रहे। उन्होंने नीतीश कुमार के महागठबंधन छोड़ने तक सिर पर पगड़ी बांधने का संकल्प लिया था, जिसे उन्होंने जुलाई 2024 में अयोध्या में भगवान राम को समर्पित कर उतारा। वे अवैध अप्रवासियों के खिलाफ सख्त रुख और बिहार में ‘लव जिहाद’ जैसे मामलों की जांच के पक्षधर रहे हैं।
सम्राट चौधरी आज बिहार भाजपा के सबसे बड़े ओबीसी चेहरे के रूप में उभरे हैं। विकास कार्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और प्रशासनिक सुधारों ने उन्हें बिहार की राजनीति के केंद्र में ला खड़ा किया है। 2025 के चुनावों में भाजपा की बड़ी जीत के बाद, उन्हें राज्य के भविष्य के मुख्यमंत्री के रूप में भी देखा जा रहा है।













