Stock Market Updates: इजरायल-ईरान युद्ध के चलते सेंसेक्स 1400 अंक टूटा, निवेशकों के डूबे करोड़ों
Stock Market Updates: वैश्विक तनाव और युद्ध के बादलों ने आज भारतीय शेयर बाजार की कमर तोड़ दी है। आज यानी 2 अप्रैल को सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट दर्ज की गई। बाजार के सभी 30 प्रमुख शेयर लाल निशान पर कारोबार कर रहे हैं।
बाज़ार का ताज़ा हाल (2 अप्रैल, 2026)
आज शुरुआती कारोबार में ही बिकवाली का भारी दबाव देखा गया:
- सेंसेक्स (Sensex): करीब 1,400 अंक (2%) गिरकर 71,700 के स्तर पर आ गया।
- निफ्टी (Nifty): 450 अंक (2%) की गिरावट के साथ 22,250 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।
- सबसे ज्यादा मार: बैंकिंग, मेटल, फार्मा और ऑटो सेक्टर के शेयरों में सबसे अधिक बिकवाली देखी जा रही है।
Stock Market Updates: बाज़ार गिरने की 3 बड़ी वजहें
विशेषज्ञों के अनुसार, भारतीय बाजार में इस बड़ी गिरावट के पीछे मुख्य रूप से तीन अंतरराष्ट्रीय कारण हैं:
- मिडल ईस्ट संकट: अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध के तनाव ने वैश्विक सप्लाई चेन (Supply Chain) को बुरी तरह प्रभावित किया है।
- कच्चे तेल की कीमतों में उछाल: युद्ध की आशंका से ब्रेंट क्रूड ऑयल 5% बढ़कर 106 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। फरवरी में यह 70 डॉलर के आसपास था।
- एशियाई बाजारों का दबाव: भारतीय बाजार पर एशियाई बाजारों की भारी गिरावट का भी असर पड़ा है।
एशियाई और अमेरिकी बाजारों की स्थिति
जहाँ एशियाई बाजारों में डर का माहौल है, वहीं अमेरिकी बाजार कल बढ़त पर बंद हुए थे।
एशियाई बाजार (भारी गिरावट):
| इंडेक्स | देश | गिरावट | वर्तमान स्तर |
| कोस्पी (KOSPI) | साउथ कोरिया | 4.0% | 5,268 |
| निक्केई (Nikkei) | जापान | 2.0% | 52,557 |
| हेंगसेंग (Hang Seng) | हॉन्गकॉन्ग | 1.0% | 25,012 |
| शंघाई कंपोजिट | चीन | 0.5% | 3,927 |
अमेरिकी बाजार (1 अप्रैल का हाल):
अमेरिकी बाजार कल यानी बुधवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे। डाउ जोन्स 224 अंक बढ़ा, जबकि नैस्डैक में 1.16% की तेजी रही। हालांकि, आज के युद्ध हालातों ने इस बढ़त पर पानी फेर दिया है।
कल यानी 1 अप्रैल को निवेशकों के लिए दिन अच्छा रहा था। सेंसेक्स 1,187 अंक उछलकर 73,134 पर बंद हुआ था, लेकिन आज की गिरावट ने कल की पूरी बढ़त को खत्म कर दिया है।
मार्केट एक्सपर्ट की राय
कच्चे तेल की कीमतों में $100 के पार जाना भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय है, जिससे महंगाई बढ़ सकती है। निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।









