Big Breaking : बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के विवादित जस्टिस यशवंत वर्मा ने आखिरकार अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना त्यागपत्र राष्ट्रपति को सौंप दिया है। यह इस्तीफा उस समय आया है जब जस्टिस वर्मा करोड़ों के ‘कैश कांड’ और संसद में चल रही महाभियोग (Impeachment) की कार्यवाही को लेकर सुर्खियों में थे।
Read More- Big Breaking : 15 अप्रैल को हेमंत कैबिनेट की अहम बैठक, कई अहम प्रस्तावों लगेगी मुहर
Big Breaking : जाने क्या था पूरा मामला
बताते चलें कि पूरा मामला 14 मार्च 2025 से जुड़ा हुआ है जब जस्टिस के दिल्ली स्थित आवास पर अचानक आग लग गई। फायर ब्रिगेड जब आग बुझाने पहुंची, तो वहां का नजारा देख दंग रह गई। घर के अंदर से 500-500 के नोटों के भारी-भरकम बंडल जले हुए मिले थे। इस घटना के बाद उन्हें दिल्ली से इलाहाबाद हाईकोर्ट ट्रांसफर कर दिया गया था।
Read More- Dhanbad News: Sorry बाबू माफ कर दो, प्रेमिका को मनाने के लिए आशिक ने हद पार-जाने पूरा मामला
Big Breaking : जांच और महाभियोग का शिकंजा
इलाहाबाद हाईकोर्ट में शपथ लेने के बावजूद उन्हें कोई न्यायिक कार्य नहीं सौंपा गया था। इस बीच, लोकसभा में उनके खिलाफ महाभियोग का प्रस्ताव लाया गया। हालांकि जस्टिस वर्मा ने इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन हाल ही में शीर्ष अदालत ने उन्हें पार्लियामेंट्री कमेटी के सामने जवाब देने के लिए अतिरिक्त समय देने से इनकार कर दिया था। चौतरफा दबाव के बीच अब जस्टिस वर्मा ने पद छोड़ना ही बेहतर समझा।












