Noida में श्रमिकों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी के बावजूद लगातार दूसरे दिन भी कई औद्योगिक क्षेत्रों में प्रदर्शन उग्र हो गया। मंगलवार को सेक्टर 70 और सेक्टर 80 सहित कई इलाकों में श्रमिकों ने पथराव और तोड़फोड़ की घटनाओं को अंजाम दिया, जिससे माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार द्वारा घोषित वेतन वृद्धि का लाभ उन्हें वास्तविक रूप से नहीं मिल रहा है। इसी को लेकर फैक्ट्रियों के बाहर बड़ी संख्या में श्रमिक धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं, जिससे औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं और कई इकाइयों में कामकाज ठप पड़ गया है।
सेक्टर 70 और 80 में हालात बिगड़े
सेक्टर 70 में क्लियो काउंटी सोसाइटी के पास प्रदर्शनकारियों ने पथराव और तोड़फोड़ की। इस दौरान पुलिस टीम को भी निशाना बनाया गया। वहीं, सेक्टर 80 में भी सुबह से ही माहौल गरमाया रहा और कुछ प्रदर्शनकारी कानून हाथ में लेते नजर आए। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी के चलते हालात को ज्यादा बिगड़ने नहीं दिया गया।
पुलिस का सख्त एक्शन
उपद्रव की घटनाओं के बाद पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। सेक्टर 70 में पथराव करने वाले 15 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। वहीं, पिछले दिन की हिंसा के मामले में अब तक 300 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और कुल 7 एफआईआर दर्ज की गई हैं।
इसके अलावा सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी फैलाने के आरोप में 2 X (पूर्व ट्विटर) हैंडल के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है। प्रदेश के डीजीपी ने भी देर रात वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी थाना प्रभारियों से हालात की समीक्षा की।
औद्योगिक इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात
Gautam Buddh Nagar जिले के अधिकांश औद्योगिक क्षेत्रों में पुलिस बल बढ़ा दिया गया है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त फोर्स तैनात कर स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रशासन की ओर से श्रमिकों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है।
सरकार ने बढ़ाया न्यूनतम वेतन
सोमवार को हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद Uttar Pradesh Government ने 24 घंटे के भीतर न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने का फैसला लिया। जिलाधिकारी मेधा रूपम के अनुसार, संशोधित वेतन दरें 1 अप्रैल से लागू मानी जाएंगी।
नई दरों के तहत गौतम बुद्ध नगर और Ghaziabad में अकुशल श्रमिकों का वेतन 11,313 रुपये से बढ़ाकर 13,690 रुपये कर दिया गया है। वहीं अर्धकुशल श्रमिकों को 15,059 रुपये और कुशल श्रमिकों को 16,868 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।
इसके बावजूद श्रमिकों में असंतोष बना हुआ है। प्रशासन का कहना है कि कुछ भ्रामक सूचनाओं के कारण स्थिति बिगड़ रही है, जिसे नियंत्रित करने के प्रयास जारी हैं।













