Jharkhand News: झारखंड की जेलों को लेकर एक चौंकाने वाली हकीकत सामने आ रही है, जो सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। राज्य में कई कुख्यात अपराधी सलाखों के पीछे हैं, लेकिन हालात ऐसे हैं कि जेल के भीतर से ही गैंग ऑपरेट होने के आरोप लग रहे हैं। हाल ही में सामने आई एक तस्वीर ने इस दावे को और मजबूत कर दिया है कि जेलों के अंदर मोबाइल फोन का इस्तेमाल बदस्तूर जारी है।
Read More- US Iran War: होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही ठप! ईरान ने अमेरिका को दे डाली ये खुली धमकी
Jharkhand News: अमन साहू के गिरोह से जुड़ा था मोनू
इस तस्वीर में दिख रहा शख्स आकाश रॉय उर्फ मोनू है, जो पहले कुख्यात अपराधी अमन साहू के गिरोह से जुड़ा हुआ था। अमन साहू के एनकाउंटर के बाद वह राहुल दुबे गैंग से जुड़कर गतिविधियों का संचालन कर रहा है। फिलहाल आकाश रॉय मधुपुर जेल में बंद है, जिसे एक सख्त और हाईटेक जेल माना जाता है। लेकिन इसी हाईटेक जेल से अकास रॉय बड़े ही आसानी ने अपने सोशल मीडिया पेज पर लगातार जानकारियां साझा करता रहता है। जो साफ तौर पर बताती है कि जेल के अंदर बड़े ही आसानी से अपराधी अपने मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे है।
Read More- Jharkhand News: DNA टेस्ट खोलेगा मौत का राज! पुष्प कुमारी मामले में हाई कोर्ट ने लगाई फटकार
Jharkhand News: सरकार के सारे हाईटेक दावे झूठे
सरकारी स्तर पर बार-बार यह दावा किया जाता रहा है कि जेलों के अंदर मोबाइल फोन के उपयोग पर पूरी तरह से रोक है, लेकिन जमीनी सच्चाई इससे अलग नजर आती है। सूत्रों की मानें तो जेल में रहते हुए अपराधी बाहर बड़े वारदातों को अंजाम दे रहे है।
Read More- Women Reservation Bill: परिसीमन पर विवाद! महिला आरक्षण बिल पर लोकसभा में हंगामा
इधर, इस मुद्दे की गूंज झारखंड विधानसभा के बजट सत्र तक पहुंच थी। जहां जरमुंडी विधायक देवेंद्र कुंवर ने सदन में जेलों में मोबाइल नेटवर्क पर रोक लगाने का मुद्दा उठाया था। उन्होंने बताया कि पहले भी सरकार ने 4G और 5G नेटवर्क को ब्लॉक करने के लिए जैमर लगाने की बात कही थी और इस दिशा में प्रगति की जानकारी मांगी थी।
Jharkhand News: सरकारी दावों और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर
जिस पर जवाब देते हुए मंत्री योगेंद्र प्रसाद महतो ने कहा कि जल्द ही राज्य की जेलों में 4G नेटवर्क को रोकने के लिए जैमर लगाए जाएंगे, ताकि मोबाइल के दुरुपयोग पर लगाम लगाई जा सके।
Read More- Palamu News: पलामू में काल बनी रफ्तार-ऑटो-बाइक की भयंकर टक्कर, बीमा एजेंट समेत 2 की मौत
लेकिन मौजूदा हालात पर नजर डाले तो यह संकेत देते हैं कि सरकारी दावों और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर है। अब देखने वाली बात होगी कि सरकार इस दिशा में कितनी तेजी और सख्ती से कदम उठाती है, ताकि जेल के अंदर से अपराध संचालन पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।
आदित्य सिंह की रिपोर्ट—












