Jharkhand(जामताड़ा): थाईलैंड में आयोजित ‘थर्ड इंटरनेशनल राइफल शूटिंग चैंपियनशिप 2026’ में झारखंड की होनहार शूटर देवासी हेंब्रम ने गोल्ड मेडल जीतकर न केवल राज्य, बल्कि पूरे देश का नाम रौशन किया है। आर्थिक तंगहाली और सीमित संसाधनों के बावजूद देवासी की इस उपलब्धि ने सभी को गौरवान्वित किया है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने रांची स्थित अपने आवास पर देवासी को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया और उन्हें आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया।
संघर्ष से सफलता तक: देवासी हेंब्रम की कहानी
जामताड़ा जिले के कुंडहित प्रखंड की रहने वाली देवासी हेंब्रम एक अत्यंत साधारण परिवार से आती हैं। उनके पिता पेशे से किसान हैं, जो खेती-बाड़ी के सहारे परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। देवासी अपनी बहन के साथ जामताड़ा में मात्र 1000 रुपये के किराए के कमरे में रहकर पढ़ाई और शूटिंग का अभ्यास करती हैं। शूटिंग के जुनून को पूरा करने के लिए देवासी एक फिजियोथेरेपी सेंटर में पार्ट-टाइम जॉब भी करती हैं। हाल ही में 4 से 7 मई 2026 तक थाईलैंड में आयोजित एयर गन शूटिंग चैंपियनशिप में देवासी ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक (Gold Medal) अपने नाम किया।
‘प्रतिभा को कुंद नहीं होने देंगे’: बाबूलाल मरांडी
सम्मान समारोह के दौरान बाबूलाल मरांडी ने देवासी के जज्बे की सराहना की। उन्होंने कहा कि एक साधारण परिवार से आने वाली बेटी ने जिस तरह संघर्षों को हराकर सफलता हासिल की है, वह प्रेरणादायक है।
श्री मरांडी ने आश्वासन दिया कि देवासी की प्रतिभा किसी भी स्थिति में दबने नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा, “देवासी को रायफल शूटिंग किट्स और अन्य आवश्यक सामग्री के लिए जो भी मदद चाहिए, वह हमारे स्तर से उपलब्ध कराई जाएगी।” उन्होंने इस बात पर भी चिंता जताई कि अब तक सरकार की ओर से इस होनहार खिलाड़ी को कोई सहायता नहीं मिल सकी है।
Jharkhand: बेहतर संसाधनों से ओलंपिक तक का सफर
देवासी हेंब्रम ने बताया कि फिलहाल उनके पास आधुनिक संसाधनों का अभाव है। सीमित संसाधनों में ही उन्होंने अपने परिश्रम से यह मुकाम हासिल किया है। देवासी का मानना है कि यदि उन्हें सरकार या अन्य माध्यमों से बेहतर सुविधाएं और आधुनिक शूटिंग किट्स मिलें, तो वे भविष्य में वर्ल्ड कप और ओलंपिक जैसे बड़े मंचों पर भी देश के लिए पदक जीत सकती हैं।







