Jharkhand: झारखंड के सारंडा में सुरक्षा बल के जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ लगातार जारी है। इसी बीच, जरूरी खबर यह है कि अगले 24 घंटे के भीतर एक करोड़ के इनामी नक्सली मिसिर बेसरा उर्फ सागर के दस्ते से जुड़े 25 नक्सली आत्मसमर्पण कर सकते हैं। इनमें महिला और पुरुष कैडर शामिल हैं। बताया जा रहा है कि लगातार चल रहे सुरक्षाबलों के ऑपरेशन और जंगलों में बढ़ते दबाव के कारण संगठन के भीतर बिखराव की स्थिति बन गई है।
10 महिला कैडर और 15 पुरुष नक्सली हैं शामिल
सूत्रों की मानें तो आत्मसमर्पण करने वालों में 10 महिला कैडर और 15 पुरुष नक्सली शामिल हैं। इनमें 5 इनामी नक्सली भी शामिल है। चर्चा है कि 10 लाख का इनामी जोनल कमांडर अश्विन, 10 लाख का इनामी चंदन लोहरा, पांच लाख का इनामी सोहन पुनेई उर्फ रंगा, सब-जोनल कमांडर माधई पात्रा, दो लाख की इनामी महिला नक्सली रजनी मुदगम और सलोनी मुंडा उर्फ पारूल भी सरेंडर करने वालों में शामिल हो सकते हैं।
Jharkhand: लंबे समय से संगठन को कर रहे थे मजबूत
महिला कैडर में रजनी मुदगम, सलोनी मुंडा उर्फ पारूल समेत कई सक्रिय महिला सदस्य शामिल बताई जा रही हैं, जो लंबे समय से संगठन के लिए काम कर रही थीं।सूत्रों का दावा है कि इन नक्सलियों के पास से कई अत्याधुनिक हथियार और विस्फोटक सामग्री भी बरामद हो सकती है।
मिसिर बेसरा और असीम मंडल सारंडा से हो चुका है फरार
इधर, एक करोड़ का इनामी नक्सली मिसिर बेसरा उर्फ सागर और असीम मंडल उर्फ आकाश को लेकर अब भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। सुरक्षा एजेंसियों को फिलहाल दोनों के ठिकाने की सटीक जानकारी नहीं मिल पाई है। सूत्रों का दावा है कि मिसिर बेसरा फिलहाल अपने दस्ते से अलग हो चुका है और संभवत सारंडा क्षेत्र छोड़ चुका है। वहीं असीम मंडल को लेकर भी लगातार इनपुट जुटाए जा रहे हैं।
मंगलवार को केडबीर जंगल में हुआ था मुठभेड़
इसी बीच मंगलवार की बात की जाए तो सर्च अभियान में निकले सुरक्षाबलों का सोनुवा के केडबीर जंगल में नक्सलियों से आमना-सामना हुआ था। जहां पुलिस पार्टी को देख कर नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जिसका सुरक्षबलों ने मुंहतोड़ जबाब दिया। पुलिस को अपने ऊपर भारी पड़ता देख नक्सली अपना साजो सामान छोड़ कर जंगल की तरफ फरार हो गए। बताया जा रहा है, कि इस मुठभेड़ में भी कई नक्सली घायल हुए है।
इधर नक्सलियों के आत्मसमर्पण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन माना जा रहा है कि जल्द ही पुलिस मुख्यालय की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरी जानकारी साझा की जा सकती है। अगर यह सरेंडर होता है, तो इसे झारखंड में नक्सल अभियान के खिलाफ सबसे बड़ी सफलताओं में से एक माना जाएगा, जहां 25 नक्सली एक साथ सरेंडर करेंगे। अब बस इंतजार कीजिए आज रात का, क्योंकि कल यानी 21 मई की सुबह झारखंड के लिए बेहद खाश होने वाली है। –आदित्य सिंह








