उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की कांस्टेबल जीडी परीक्षा के दौरान सोमवार को जबरदस्त हंगामा और बवाल देखने को मिला। भीषण गर्मी के बीच परीक्षा केंद्र पर हुई अव्यवस्था से नाराज हजारों अभ्यर्थियों ने सेंटर के भीतर जमकर तोड़फोड़ की और सड़क पर उतरकर चक्का जाम कर दिया।
मामला इतना बढ़ गया कि पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा। इस भारी हंगामे के बाद SSC ने तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए प्रयागराज समेत प्रदेश के पांच जिलों में दूसरी और तीसरी पाली (Shift) की परीक्षा को रद्द कर दिया है।
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क्या है पूरा मामला?
सोमवार को बड़ी संख्या में छात्र एसएससी कांस्टेबल जीडी परीक्षा (SSC GD Constable Exam) देने के लिए प्रयागराज के अंदावा स्थित ‘आई-टेक जोन सेंटर’ (I-Tech Zone Center) पहुंचे थे। यह एग्जाम सेंटर सीता सिंह महिला महाविद्यालय परिसर में बनाया गया था।
दूर-दूर से आए अभ्यर्थियों का आरोप था कि जब केंद्र पर पर्याप्त सीटें और कंप्यूटर सिस्टम ही मौजूद नहीं थे, तो इतनी बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों को एडमिट कार्ड जारी कर यहाँ क्यों बुलाया गया? भीषण गर्मी में घंटों इंतजार करने और परीक्षा में बैठने की जगह न मिलने पर छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा।
क्षमता 650 कंप्यूटर की, बुला लिए 1000 से ज्यादा छात्र
इस पूरे विवाद की मुख्य वजह क्षमता से दोगुने छात्रों को अलॉटमेंट देना रहा। आंकड़ों के मुताबिक, आई-टेक जोन सेंटर की वास्तविक क्षमता और आंकड़ों का गणित कुछ इस प्रकार था:
| विवरण | क्षमता / वास्तविक छात्र | आवंटित छात्र (Allocated) |
| कुल उपलब्ध कंप्यूटर सिस्टम | 650 सिस्टम | – |
| दूसरी पाली (2nd Shift) | ~505 छात्र (क्षमता) | 1035 छात्र |
| तीसरी पाली (3rd Shift) | ~495 छात्र (क्षमता) | 1034 छात्र |
केंद्र व्यवस्थापकों का बयान: सेंटर मैनेजमेंट का कहना है कि उन्हें अतिरिक्त अभ्यर्थियों के आवंटन की जानकारी सोमवार को ही ईमेल के जरिए मिली थी। इतने कम समय में सैकड़ों अतिरिक्त कंप्यूटर और इंफ्रास्ट्रक्चर की व्यवस्था करना नामुमकिन था, जिसके कारण यह अव्यवस्था फैली।
आक्रोशित छात्रों ने सेंटर को बनाया रणक्षेत्र, लाखों की संपत्ति नष्ट
जब दूसरी और तीसरी पाली के छात्रों को बैठने के लिए कंप्यूटर सिस्टम नहीं मिले, तो छात्रों को लगा कि प्रशासन की इस बड़ी लापरवाही का खामियाजा उनका भविष्य भुगत रहा है। इसके बाद परीक्षा कक्षों में जमकर तोड़फोड़ शुरू हो गई। दर्जनों कंप्यूटर, लैपटॉप, सीपीयू (CPU) और मॉनिटर तोड़ दिए गए। कमरों में लगे एसी (AC), कूलर, सीसीटीवी कैमरे, वाटर कूलर और कुर्सियां-फर्नीचर पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिए गए। परिसर में रखे जनरेटर को भी नुकसान पहुंचाया गया।
सेंटर के अंदर मची इस भगदड़ और हंगामे के बाद गुस्साए छात्र बाहर निकल आए और उन्होंने जीटी रोड (GT Road) पर चक्का जाम कर दिया। करीब एक घंटे तक चले इस प्रदर्शन के कारण सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
पुलिस ने संभाला मोर्चा, एक छात्र हिरासत में
हंगामे की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। ट्रेनी आईपीएस ईश्वर लाल गुर्जर, एसीपी थरवई अरुण पाराशर, एसीपी फूलपुर विवेक यादव और सराय इनायत थाना अध्यक्ष संजय गुप्ता समेत कई आला अधिकारियों ने मोर्चा संभाला।
पुलिस ने आक्रोशित छात्रों को समझा-बुझाकर शांत कराया और जीटी रोड से जाम हटवाकर यातायात को सुचारू किया। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक छात्र को हिरासत में भी लिया है, जिस पर आरोप है कि वह हंगामे की आड़ में सेंटर से लैपटॉप लेकर भागने की कोशिश कर रहा था। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन 5 जिलों के प्रभावित छात्रों के लिए दोबारा परीक्षा की तारीखों का इंतजार है।







