राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से झारखंड प्रांत स्तरीय संघ शिक्षा वर्ग सामान्य एवं विशेष का शुभारंभ मंगलवार को जमशेदपुर में विधिवत रूप से किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आर.वी.एस. कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग परिसर और सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, बिरसानगर में आयोजित किया गया है।
इस वर्ग में झारखंड के विभिन्न जिलों से पहुंचे सैकड़ों स्वयंसेवक भाग ले रहे हैं। आगामी पंद्रह दिनों तक चलने वाले इस प्रशिक्षण शिविर में स्वयंसेवकों को व्यक्तित्व निर्माण, भारतीय संस्कृति, इतिहास, राष्ट्रवाद और संगठन की कार्यपद्धति से जुड़े विषयों पर बौद्धिक एवं शारीरिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
कार्यक्रम का उद्घाटन क्षेत्र प्रचारक रामनवमी जी ने दीप प्रज्वलित कर किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि संघ शिक्षा वर्ग स्वयंसेवकों के सर्वांगीण विकास का एक प्रभावी माध्यम है। उन्होंने भारतीय संस्कृति की गौरवशाली परंपरा और समाज निर्माण में संघ की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने बताया कि वर्ग में योग, शारीरिक व्यायाम, खेल, दंड प्रशिक्षण, गीत एवं बौद्धिक चर्चा के माध्यम से अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और समय प्रबंधन जैसे गुण विकसित किए जाते हैं। साथ ही स्वयंसेवकों को ऐसी वैचारिक दृष्टि देने का प्रयास किया जाता है, जिससे वे समाज को व्यापक राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में समझ सकें।
सामाजिक समरसता और सेवा कार्यों पर विशेष जोर
अपने संबोधन में उन्होंने सामाजिक समरसता को संघ शिक्षा वर्ग की महत्वपूर्ण विशेषता बताया। उन्होंने कहा कि अलग-अलग क्षेत्र, भाषा, जाति और आर्थिक पृष्ठभूमि से आए स्वयंसेवक सामूहिक भोजन, निवास और अभ्यास के जरिए एकात्मता का भाव विकसित करते हैं, जिससे सामाजिक भेदभाव जैसी कुरीतियों को दूर करने में मदद मिलती है।
उन्होंने यह भी कहा कि संघ शिक्षा वर्ग केवल वैचारिक प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि प्राकृतिक आपदा सेवा, शिक्षा, गौ सेवा, पर्यावरण संरक्षण और अन्य सामाजिक कार्यों के प्रति भी स्वयंसेवकों को प्रेरित करता है।
इस अवसर पर प्रांत कार्यवाह संजय जी, प्रांत प्रचारक गोपाल जी, सह प्रांत प्रचारक राजीव कांत जी, प्रांत शारीरिक प्रमुख कुणाल जी, वर्ग कार्यवाह विजय कुमार जी समेत कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।








