Jharkhand: राज्य में राजस्व बढ़ाने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कमर कस ली है। सीएम हेमंत सोरेन ने झारखंड मंत्रालय में खान एवं भू-तत्व और भवन निर्माण विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में उन्होंने राज्य में गोल्ड माइनिंग (Gold Mining in Jharkhand) को बढ़ावा देने, बंद पड़ी खदानों के पट्टे निरस्त करने और अवैध खनन पर पूरी तरह से रोक लगाने के कड़े निर्देश दिए हैं।
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7 गोल्ड माइंस से बढ़ेगा सोना उत्पादन, नए ब्लॉकों का होगा ऑक्शन
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में संचालित कुल 7 गोल्ड माइंस की स्थिति का जायजा लिया। झारखंड में फिलहाल सालाना लगभग 20 किलोग्राम स्वर्ण उत्पादन हो रहा है। मुख्यमंत्री ने इस क्षमता को बढ़ाने और संचालन में आ रही सभी बाधाओं को तुरंत दूर करने को कहा है। राज्य के अन्य संभावित गोल्ड माइनिंग क्षेत्रों की पहचान कर उनके शीघ्र ऑक्शन (Auction) की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि राज्य का राजस्व बढ़ सके।
बंद पड़ी खदानों और निष्क्रिय खनिज ब्लॉकों पर गिरेगी गाज
सीएम हेमंत सोरेन ने बीसीसीएल (BCCL), सीसीएल (CCL) और ईसीएल (ECL) की बंद पड़ी खदानों की समीक्षा की। उन्होंने साफ कहा कि जिन खदानों में उत्पादन बंद है, वहां या तो काम दोबारा शुरू कराया जाए या फिर उनका लीज (Mining Lease) निरस्त किया जाए। जिन खनिज ब्लॉकों का ऑक्शन हो चुका है लेकिन लंबे समय से चालू नहीं हैं, उन्हें रद्द कर नए सिरे से राजस्व का आकलन करते हुए दोबारा ऑक्शन किया जाए।
अवैध खनन, परिवहन और ओवरलोडिंग पर लगेगी लगाम
राज्य की कानून-व्यवस्था और पर्यावरणीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए सीएम ने अवैध खनन (Illegal Mining) पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने का निर्देश दिया है। अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग को रोकने के लिए आधुनिक तकनीक और ड्रोन जैसी तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। जिला प्रशासन, पुलिस और खनन विभाग आपस में तालमेल बिठाकर नियमित औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) करेंगे।
बालू घाटों का शीघ्र ऑक्शन और संचालन
राज्य के 820 बालू घाटों की समीक्षा करते हुए बताया गया कि कैटेगरी-1: 376 घाटों पर पंचायतों के माध्यम से बालू का उठाव जारी है। कैटेगरी-2: 444 घाटों में से 300 का ऑक्शन हो चुका है। मुख्यमंत्री ने इन घाटों से जल्द बालू उठाव शुरू करने और शेष बचे घाटों का भी जल्द ऑक्शन करने का आदेश दिया।
MSME को कोयला आपूर्ति और हॉस्टलों में वैकल्पिक ईंधन की तैयारी
सीएम ने झारखंड राज्य खनिज विकास निगम लिमिटेड (JSMDC) के माध्यम से कोल ट्रेडिंग व्यवस्था को मजबूत करने को कहा है।
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MSME को राहत: योग्य सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (MSME) को पंजीकृत कर कोयला आपूर्ति बढ़ाई जाएगी।
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हॉस्टलों में कोयले का उपयोग: एलपीजी (LPG) की किल्लत को देखते हुए राज्य के आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों (Hostels) की मैपिंग कर वहां वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत के रूप में कोयला आपूर्ति की संभावनाओं पर काम शुरू करने का निर्देश दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने ‘झारखंड माइनिंग एंड एक्सप्लोरेशन कंपनी लिमिटेड’ (JMECL) में खाली पड़े पदों पर जल्द से जल्द बहाली करने और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने के निर्देश दिए।
भवन निर्माण विभाग को समयबद्धता और गुणवत्ता का अल्टीमेटम
खान विभाग के साथ-साथ सीएम ने भवन निर्माण विभाग के कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में चल रहे सभी सरकारी भवनों, आवासीय परिसरों, शैक्षणिक और स्वास्थ्य संस्थानों के निर्माण में पारदर्शिता और गुणवत्ता सबसे ऊपर होनी चाहिए। सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा (Deadline) के भीतर आधुनिक और टिकाऊ तकनीकों का उपयोग करके पूरा करने का आदेश दिया गया है।
इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, विभागीय सचिव अरवा राजकमल समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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