Jharkhand: झारखंड में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल गया है। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के सक्रिय होने के कारण राजधानी रांची समेत पूरे राज्य में अगले पांच दिनों तक मौसम का यू-टर्न देखने को मिलेगा। मौसम विभाग (IMD रांची) के अनुसार, 7 जून तक राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है।
40-50 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, वज्रपात का अलर्ट
मौसम केंद्र रांची द्वारा जारी ताजा अपडेट के मुताबिक, अगले कुछ दिनों तक आसमान में आंशिक बादल छाए रहेंगे। इस दौरान राज्य के कुछ हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज धूल भरी आंधी चल सकती है। मौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ वज्रपात (बिजली गिरने) की भी आशंका जताई है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
रांची में बढ़ेगा पारा, 5 जून को सताएगी उमस वाली गर्मी
भले ही राज्य में बारिश का अलर्ट है, लेकिन राजधानी रांची में तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। अगले तीन दिनों के भीतर रांची के अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक का उछाल आ सकता है। इस दिन पारा 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे लोगों को भारी उमस और गर्मी का सामना करना पड़ेगा। रांची सहित मध्य और दक्षिणी झारखंड में फिर से मेघ गर्जन के साथ बारिश हो सकती है, जिससे तापमान गिरकर 36 से 37 डिग्री के बीच आ जाएगा।
8 और 9 जून को रांची समेत राज्य के अधिकांश हिस्सों में आसमान साफ रहेगा और मौसम शुष्क हो जाएगा, जिससे उमस से राहत मिलेगी।
पिछले 24 घंटों का हाल: डालटनगंज रहा सबसे गर्म, लातेहार में सबसे ज्यादा ठंड
पिछले 24 घंटों में झारखंड के कई इलाकों में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश रिकॉर्ड की गई है:
| जिला/क्षेत्र | दर्ज की गई बारिश / तापमान | स्थिति |
| हजारीबाग | 2.4 मिमी | सबसे अधिक बारिश |
| डालटनगंज | 40.0°C | राज्य का सबसे गर्म स्थान |
| लातेहार और नामकुम | 21.9°C | सबसे कम न्यूनतम तापमान |
| रांची (अधिकतम) | 35.0°C | सामान्य से 2.2 डिग्री कम |
| रांची (न्यूनतम) | 24.6°C | सामान्य |
IMD की आम जनता और किसानों के लिए जरूरी गाइडलाइन
खराब मौसम को देखते हुए मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों और किसानों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है:
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खुले में न रहें: कड़कती बिजली या आंधी के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें। सुरक्षित स्थानों (पक्के मकानों) के अंदर रहें।
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किसानों के लिए सलाह: किसान भाई मौसम के इस बदलते मिजाज (बारिश और तेज हवाओं) को ध्यान में रखकर ही अपनी कृषि कार्यों और कटी फसलों के भंडारण की योजना बनाएं।









