Dhanbad: RE-NEET परीक्षा में अब केवल सात दिन शेष हैं। ऐसे में अभ्यर्थियों के लिए यह समय घबराने का नहीं, बल्कि अब तक की तैयारी को अंतिम रूप देने का है। गोल इंस्टीट्यूट, धनबाद के केंद्र निदेशक संजय आनंद ने कहा कि इस समय मानसिक संतुलन, नियमित रिवीजन और आत्मविश्वास ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी हैं।
उन्होंने कहा कि छात्र अपने टेस्ट के अंकों की दूसरों से तुलना न करें। नकारात्मक सोच, नकारात्मक लोगों और समय बर्बाद करने वाली गतिविधियों से दूर रहें। अब तक हुई गलतियों का विश्लेषण करें और उन्हें दोबारा न दोहराने का प्रयास करें।
पहले से तैयार सामग्री को मजबूत करने की कोशिश करें
संजय आनंद ने सलाह दी कि एनसीईआरटी, टीचर्स नोट्स, महत्वपूर्ण फॉर्मूले, नामित अभिक्रियाएं, कन्वर्जन, यूनिट, लेबलिंग और की-वर्ड्स का लगातार रिवीजन करें। इस समय कोई नया विषय पढ़ने की बजाय पहले से तैयार सामग्री को मजबूत करें।
उन्होंने कहा कि प्रश्नपत्र के स्तर या कटऑफ की चिंता छोड़कर अंतिम प्रश्न तक पूरी ऊर्जा और एक्यूरेसी बनाए रखें। पर्याप्त नींद लें, स्वास्थ्य का ध्यान रखें और अपनी तैयारी पर भरोसा रखें।
उन्होंने यह भी कहा कि 3 मई की परीक्षा में समय प्रबंधन और सिली मिस्टेक्स जैसी जो गलतियां हुई थीं, उन्हें 21 जून की री-नीट में हर हाल में दोहराने से बचें।
धनबाद और जमशेदपुर मेडिकल कॉलेजों में सीटों की संख्या बढ़ने की संभावना
संजय आनंद ने बताया कि झारखंड के छात्रों के लिए सकारात्मक खबर यह है कि धनबाद और जमशेदपुर मेडिकल कॉलेजों में सीटों की संख्या बढ़ने की संभावना है। साथ ही री-नीट में मिले अतिरिक्त 15 मिनट अभ्यर्थियों को ओएमआर और उपस्थिति संबंधी प्रक्रिया में मदद करेंगे, जिससे पूरे 180 मिनट प्रश्न हल करने के लिए उपलब्ध रहेंगे।
उन्होंने अभ्यर्थियों से अपील की कि ऑनलाइन भ्रामक सामग्री से बचें, असफलता के डर को अपने ऊपर हावी न होने दें और पूरे आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दें।

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