अगर आप PhonePe Wallet का इस्तेमाल करते हैं और लंबे समय से उसमें कोई लेनदेन नहीं किया है, तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है। डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म PhonePe ने अपने वॉलेट उपयोगकर्ताओं के लिए एक नया नियम लागू किया है। इसके तहत यदि किसी PhonePe Wallet में लगातार 12 महीने तक कोई वित्तीय गतिविधि नहीं होती है, तो उसे “इनएक्टिव वॉलेट” माना जा सकता है और उस पर मेंटेनेंस शुल्क लगाया जा सकता है।
कब लगेगा ₹100 का इनएक्टिविटी चार्ज?
PhonePe की वॉलेट शर्तों के अनुसार, यदि किसी वॉलेट में लगातार एक साल तक कोई ट्रांजैक्शन नहीं होता, तो कंपनी उसे इनएक्टिव घोषित कर सकती है। इसके बाद ऐसे वॉलेट पर ₹100 प्रति तिमाही (GST सहित) तक का इनएक्टिविटी मेंटेनेंस शुल्क लगाया जा सकता है।
यह शुल्क सीधे वॉलेट में उपलब्ध बैलेंस से काटा जाएगा। यदि वॉलेट में ₹100 से कम राशि होगी, तो जितनी राशि उपलब्ध होगी उतनी ही काटी जाएगी। हालांकि वॉलेट का बैलेंस कभी भी माइनस में नहीं जाएगा।
PhonePe Wallet को एक्टिव कैसे रखें?
इस अतिरिक्त शुल्क से बचने के लिए समय-समय पर वॉलेट में कोई न कोई वित्तीय गतिविधि करना जरूरी है। इसके लिए आप:
- वॉलेट से किसी दुकान या ऑनलाइन भुगतान कर सकते हैं।
- वॉलेट में पैसे जोड़ सकते हैं।
- वॉलेट बैलेंस का उपयोग किसी भी ट्रांजैक्शन में कर सकते हैं।
यदि लगातार 12 महीने तक कोई गतिविधि नहीं होती है, तो वॉलेट निष्क्रिय माना जा सकता है।
इनएक्टिव वॉलेट को दोबारा कैसे करें एक्टिव?
अगर आपका PhonePe Wallet इनएक्टिव हो जाता है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। यूजर ओटीपी वेरिफिकेशन और PhonePe द्वारा तय प्रक्रिया पूरी करके अपने वॉलेट को दोबारा सक्रिय कर सकता है। इसके बाद वॉलेट का उपयोग सामान्य रूप से किया जा सकेगा।
UPI यूजर्स पर नहीं पड़ेगा कोई असर
यह नियम केवल PhonePe Wallet पर लागू होगा। यदि आप सीधे बैंक खाते से UPI भुगतान करते हैं या QR Code स्कैन करके ट्रांजैक्शन करते हैं, तो इस नए नियम का आप पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। UPI सेवाएं पहले की तरह सामान्य रूप से चलती रहेंगी।
यूजर्स के लिए जरूरी सलाह
यदि आपके PhonePe Wallet में बैलेंस मौजूद है, तो उसे लंबे समय तक बिना इस्तेमाल किए न छोड़ें। समय-समय पर छोटा-सा भुगतान या बैलेंस का उपयोग करके वॉलेट को सक्रिय रखें। ऐसा करने से आप ₹100 प्रति तिमाही लगने वाले इनएक्टिविटी शुल्क से आसानी से बच सकते हैं।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
5+ वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ उन्होंने Gandiva, Lagatar.in, News11 Digital और Prabhat Khabar Digital जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है। वर्तमान में Khabar Mantra Digital में Digital Media Manager-cum-Executive एवं विशेष संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।
वे विशेष रूप से कोयलांचल, BCCL, कोलियरियों, औद्योगिक क्षेत्रों, स्थानीय प्रशासन और जनहित के मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं।
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