Ranchi: राजधानी रांची में वाहन चालकों को अब शहर के कई प्रमुख इलाकों में पार्किंग के लिए शुल्क देना होगा। रांची नगर निगम (RMC) ने शहर में 24 नए पेड पार्किंग स्थलों को चिन्हित किया है। इनमें से 13 पार्किंग स्थलों की बंदोबस्ती पूरी हो चुकी है, जबकि 11 अन्य स्थलों के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है। इन नए स्थलों के शुरू होने के बाद शहर में कुल 54 पेड पार्किंग स्थल हो जाएंगे।
हालांकि, नगर निगम की इस योजना पर सवाल भी उठ रहे हैं। वजह यह है कि अधिकांश नए पार्किंग स्थल सड़कों के किनारे (ऑन-रोड पार्किंग) बनाए जा रहे हैं। इससे ट्रैफिक जाम की समस्या और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
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Ranchi में सड़कों पर ही बनाए जा रहे हैं अधिकांश वाहन पड़ाव
जानकारी के अनुसार, शहर के करीब 40 पार्किंग स्थल सड़क किनारे ही संचालित होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क पर वाहनों की पार्किंग से वाहनों की आवाजाही प्रभावित होगी और भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाम की स्थिति पैदा हो सकती है।
इसके बावजूद नगर निगम नए स्थानों को चिन्हित कर उनकी बंदोबस्ती कर रहा है। 11 नए पार्किंग स्थलों के लिए 15 जुलाई को टेंडर प्रक्रिया प्रस्तावित है।
धार्मिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों को भी बनाया गया पार्किंग स्थल
नगर निगम ने जिन स्थानों को पार्किंग के लिए चिन्हित किया है, उनमें कई धार्मिक और सार्वजनिक स्थल शामिल हैं। आइए जानते हैं उन जगहों के बारे में-
भगवान बिरसा मुंडा समाधि स्थल (डिस्टलरी पुल)
डिस्टलरी पुल के पास स्थित भगवान बिरसा मुंडा समाधि स्थल के बाहर खाली जमीन को पार्किंग के रूप में विकसित किया गया है। इसके लिए 5.15 लाख रुपये का रिजर्व प्राइस तय किया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां पार्किंग शुरू होने से सड़क पर जाम बढ़ सकता है।
सुरेश्वर धाम मंदिर, चुटिया
चुटिया स्थित सुरेश्वर धाम मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। सावन के दौरान यहां भीड़ और बढ़ जाती है। इसके बावजूद नगर निगम ने यहां पार्किंग स्थल चिन्हित कर 1.59 लाख रुपये का रिजर्व प्राइस निर्धारित किया है।
हज हाउस, कडरू
कडरू स्थित हज हाउस के सामने मौजूद खाली स्थल को भी पेड पार्किंग बनाया गया है। इसके लिए 5.94 लाख रुपये का रिजर्व प्राइस तय किया गया है। यहां भी ट्रैफिक प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
लोयला ग्राउंड, पुरुलिया रोड
लोयला ग्राउंड में समय-समय पर प्रार्थना सभाएं और सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं। नगर निगम ने इस क्षेत्र को भी पार्किंग स्थल के रूप में चिन्हित किया है। इसका रिजर्व प्राइस 4.75 लाख रुपये रखा गया है।
स्थायी पार्किंग की मांग तेज
शहर के नागरिकों और विशेषज्ञों का कहना है कि अस्थायी ऑन-रोड पार्किंग समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। उनका मानना है कि नगर निगम को मल्टी-लेवल या स्थायी पार्किंग विकसित करने पर ध्यान देना चाहिए।
विशेषज्ञों के अनुसार, मेन रोड, पुरुलिया रोड, सर्कुलर रोड, बरियातू रोड और रातू रोड जैसे व्यस्त इलाकों में व्यवस्थित स्थायी पार्किंग की जरूरत है। साथ ही, सड़क चौड़ीकरण के लिए छोड़ी गई जमीन और धार्मिक स्थलों के आसपास के खाली स्थानों का उपयोग हरियाली बढ़ाने और सार्वजनिक सुविधाओं के विकास के लिए किया जाना चाहिए।
सड़क पर पार्किंग से बढ़ी लोगों की चिंता
शहरवासियों का कहना है कि पार्किंग व्यवस्था बेहतर बनाना जरूरी है, लेकिन यदि सड़क पर ही पार्किंग बनाई जाएगी तो इससे ट्रैफिक जाम, प्रदूषण और आम लोगों की परेशानी बढ़ सकती है। ऐसे में नगर निगम को राजस्व बढ़ाने के साथ-साथ शहर के यातायात प्रबंधन और दीर्घकालिक पार्किंग समाधान पर भी समान रूप से ध्यान देने की आवश्यकता है।
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कंटेंट राइटर एवं रिपोर्टर, खबर मन्त्र। झारखंड के स्थानीय समाचार, महिला विकास, कला और लाइफस्टाइल खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।








