देशभर में NEET परीक्षा विवाद को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्र सरकार में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री की सलाह पर धर्मेंद्र प्रधान का शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। इसके साथ ही वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब NEET परीक्षा को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर लगातार बहस जारी है।
राष्ट्रपति ने स्वीकार किया इस्तीफा
राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, भारत के संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार किया गया है। इसके बाद केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी फिलहाल प्रह्लाद जोशी को सौंपने का निर्णय लिया है।
NEET विवाद बना इस्तीफे की बड़ी वजह
बताया जा रहा है कि NEET पेपर लीक और परीक्षा विवाद को लेकर देशभर में जारी विरोध प्रदर्शनों तथा बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दिया। इस मुद्दे पर लगातार विपक्ष और विभिन्न संगठनों द्वारा सरकार से जवाब मांगा जा रहा था।
प्रह्लाद जोशी को मिला शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार
वर्तमान में उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय का कार्यभार संभाल रहे प्रह्लाद जोशी को अब शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी दी गई है।
सरकार को उम्मीद है कि उनके अनुभव का लाभ शिक्षा मंत्रालय के कार्यों में भी मिलेगा।
कौन हैं प्रह्लाद जोशी?
64 वर्षीय प्रह्लाद जोशी कर्नाटक के धारवाड़ लोकसभा क्षेत्र से वर्ष 2004 से लगातार सांसद चुने जाते रहे हैं। वे केंद्र सरकार में कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
साल 2019 से 2024 के दौरान उन्होंने कोयला, खान और संसदीय कार्य मंत्री के रूप में भी कार्य किया। लंबे राजनीतिक अनुभव के कारण उन्हें सरकार के वरिष्ठ नेताओं में गिना जाता है।
पदभार संभालने के बाद क्या बोले प्रह्लाद जोशी?
शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी मिलने के बाद प्रह्लाद जोशी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर धर्मेंद्र प्रधान के कार्यों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। जोशी ने विशेष रूप से राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के प्रभावी क्रियान्वयन और शिक्षा क्षेत्र में किए गए 100 से अधिक सुधारों का उल्लेख करते हुए उनके कार्यों की प्रशंसा की।
उन्होंने यह भी कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का यह कदम राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को कम नहीं करेगा और भविष्य में भी वे देशहित में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।
अब सभी की नजरें इस बात पर होंगी कि नए शिक्षा मंत्री के रूप में प्रह्लाद जोशी NEET विवाद और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े लंबित मुद्दों पर किस प्रकार आगे बढ़ते हैं। शिक्षा मंत्रालय के सामने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, छात्रों का विश्वास बहाल करना और सुधारों को आगे बढ़ाना प्रमुख चुनौती होगी।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
5+ वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ उन्होंने Gandiva, Lagatar.in, News11 Digital और Prabhat Khabar Digital जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है। वर्तमान में Khabar Mantra Digital में Digital Media Manager-cum-Executive एवं विशेष संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।
वे विशेष रूप से कोयलांचल, BCCL, कोलियरियों, औद्योगिक क्षेत्रों, स्थानीय प्रशासन और जनहित के मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं।
Expertise: Journalism • Digital Media • Ground Reporting • Content & Social Media • Video Production • News Analysis









