JPSC-JSSC नियुक्ति विवाद को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। इसी बीच आंदोलन से जुड़े देवेंद्र महतो की हिरासत को लेकर आंदोलनकारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। आंदोलन के शुरुआती दौर से जुड़े रामोतर महतो ने सरकार से देवेंद्र महतो को जल्द रिहा करने की मांग की है।
रामोतर महतो का कहना है कि देवेंद्र महतो शुरुआत से ही छात्रों के साथ मजबूती से खड़े रहे हैं और आंदोलन को आगे बढ़ाने में उनकी अहम भूमिका रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन को कमजोर करने के लिए सरकार उन लोगों को हिरासत में रख रही है, जो छात्रों की आवाज को मजबूती से उठाते रहे हैं।
रामोतर महतो के मुताबिक, देवेंद्र महतो को अस्पताल में भर्ती किए जाने की जानकारी सामने आ रही है, लेकिन आंदोलनकारियों और समर्थकों को उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर देवेंद्र महतो की तबीयत अब ठीक है, तो उन्हें अस्पताल से रिहा क्यों नहीं किया जा रहा है।
रामोतर महतो ने कहा कि आंदोलन के मंच पर देवेंद्र महतो की गैरमौजूदगी छात्रों को लगातार खल रही है। आंदोलन में शामिल छात्र उनकी स्थिति और वर्तमान ठिकाने को लेकर जानकारी चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि देवेंद्र महतो ने आंदोलन के शुरुआती दौर में छात्रों के बीच जाकर उनका समर्थन किया था और भरोसा जताया था कि आने वाले दिनों में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी इस आंदोलन से जुड़ेंगे। रामोतर महतो का दावा है कि आज आंदोलन को मिल रहा व्यापक समर्थन उसी प्रयास का नतीजा है।
रामोतर महतो ने सरकार से मांग की है कि देवेंद्र महतो को जल्द से जल्द अस्पताल से रिहा किया जाए और उन्हें आंदोलनकारियों के बीच आने दिया जाए। उन्होंने कहा कि उनके साथ किसी अपराधी या कैदी जैसा व्यवहार नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने सरकार से अपील करते हुए कहा कि देवेंद्र महतो को जल्द रिहा किया जाए और छात्रों के आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश न की जाए।
बाइट: रामोतर महतो, आंदोलन के शुरुआती दौर से मंच संचालन से जुड़े आंदोलनकारी
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