Ranchi: झारखंड में आगामी धान अधिप्राप्ति को लेकर राज्य सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने शुक्रवार को विभाग की करीब दो घंटे चली समीक्षा बैठक में धान खरीद, किसानों के भुगतान, भंडारण, परिवहन और बिचौलियों पर रोक समेत कई मुद्दों पर अधिकारियों के साथ चर्चा की।
बैठक में विभाग के सचिव राजेश कुमार शर्मा समेत संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे। मंत्री ने अधिकारियों को किसानों, जन वितरण प्रणाली के डीलरों और आम उपभोक्ताओं से जुड़े कार्यों में लापरवाही नहीं बरतने का निर्देश दिया।
50 लाख क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य
समीक्षा बैठक में बताया गया कि पिछले वर्ष 60 लाख क्विंटल धान अधिप्राप्ति का लक्ष्य रखा गया था। चालू वित्तीय वर्ष में 50 लाख क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वहीं, 19 लाख क्विंटल चावल तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
मंत्री ने कहा कि इस साल धान की अच्छी फसल होने की संभावना को देखते हुए विभाग ने पहले से तैयारियां शुरू कर दी हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए परेशानी न हो और उन्हें समय पर भुगतान मिले, इसके लिए व्यवस्था पहले से तैयार रहनी चाहिए।
15 नए गोदाम बनेंगे
राज्य में भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए चालू वित्तीय वर्ष में 1000 मीट्रिक टन क्षमता वाले 15 नए गोदाम बनाने का निर्णय लिया गया है। मंत्री ने कहा कि धान की खरीद के साथ उसके सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था भी जरूरी है।
जमीन सत्यापन के बाद होगी धान की खरीद
धान अधिप्राप्ति व्यवस्था में किसानों की जमीन का सत्यापन भी किया जाएगा। बैठक में तय किया गया कि जमीन के सत्यापन के बाद उसके अनुरूप ही किसान से धान की खरीद की जाएगी।
सरकार का कहना है कि इससे वास्तविक किसानों को अधिप्राप्ति व्यवस्था का लाभ पहुंचाने और बिचौलियों की भूमिका कम करने में मदद मिलेगी।
धान ढोने वाले वाहनों की ऑनलाइन ट्रैकिंग
धान परिवहन को पारदर्शी बनाने के लिए वाहनों को ट्रैकिंग सिस्टम से जोड़ने की तैयारी है। इसके जरिए धान के उठाव से लेकर उसके निर्धारित स्थान, मिलर और भंडारण तक की गतिविधियों पर नजर रखने की व्यवस्था की जाएगी।
मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि तकनीक के इस्तेमाल से यह पता लगाया जा सकेगा कि धान किस किसान से खरीदा गया, किस केंद्र पर पहुंचा और किस वाहन से उसका परिवहन हुआ।
उन्होंने सीमावर्ती इलाकों में दूसरे राज्यों से धान लाकर सरकारी खरीद व्यवस्था का अनुचित लाभ उठाने की आशंका का भी जिक्र किया। मंत्री के मुताबिक ऑनलाइन व्यवस्था इस तरह की गतिविधियों पर निगरानी में मदद करेगी।
डीलरों के बकाया कमीशन का भुगतान जल्द
बैठक में PDS डीलरों के करीब एक वर्ष के बकाया कमीशन का मुद्दा भी उठा। मंत्री ने कहा कि राज्य में 25 हजार से अधिक PDS डीलर खाद्य वितरण व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं।
बैठक में बताया गया कि डीलर कमीशन के रूप में केंद्र सरकार से एक वर्ष की राशि राज्य को उपलब्ध कराई गई है। अब बकाया कमीशन के भुगतान की प्रक्रिया जल्द पूरी करने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा डीलरों के भार मापक यंत्र के वार्षिक नवीनीकरण पर लगने वाली राशि माफ करने का प्रस्ताव मंत्रिमंडल को भेजे जाने की जानकारी दी गई।
केंद्र से किसानों के लिए सहयोग मांगेंगे मंत्री
डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि धान अधिप्राप्ति और न्यूनतम समर्थन मूल्य से जुड़े कुछ विषय केंद्र सरकार के स्तर से तय होते हैं। उन्होंने बताया कि वह जल्द नई दिल्ली जाकर केंद्र के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के संबंधित मंत्री और सचिव से मुलाकात करेंगे।
बैठक में आगामी त्योहारों को देखते हुए खाद्य आपूर्ति व्यवस्था की तैयारियों की भी समीक्षा हुई। विभागीय सचिव राजेश कुमार शर्मा ने कहा कि मंत्री के निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने विभाग में पदाधिकारियों की कमी की जानकारी भी मंत्री को दी।
मंत्री ने अधिकारियों को PDS व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही मजबूत करने तथा पात्र लाभुकों तक समय पर खाद्यान्न पहुंचाने के निर्देश दिए।

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