Ranchi: झारखंड हाई कोर्ट में JPSC और JSSC की अलग-अलग परीक्षाओं के माध्यम से हुई नियुक्तियों को रद्द करने के मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार और JPSC ने अदालत में जवाब दाखिल किया।
अदालत ने कहा कि 100 प्रतिशत नियुक्तियाँ पूरी तरह सही नहीं हैं, पर सभी गलत भी नहीं हैं। एक साथ लगभग 2700 नियुक्तियाँ रद्द करने से भी अदालत ने चिंता जताई।
अदालत ने बताया कि परीक्षा से लेकर नियुक्ति तक पूरी प्रक्रिया में दो से तीन साल लगते हैं। इसलिए रद्द करने से कई अधिकारियों की नौकरी खतरे में पड़ सकती है।
दूसरी ओर, नियुक्त कर्मचारियों और अधिकारियों ने सरकार के नियुक्ति रद्द करने के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी है। अदालत ने अभी सरकार के आदेश पर रोक लगा रखी है और प्रार्थियों को मिली राहत को बरकरार रखा है। मामले की अगली सुनवाई 7 अक्टूबर को होगी। यह सुनवाई जस्टिस दीपक रौशन के न्यायालय में हुई।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
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