Ranchi: जमशेदपुर के सोनारी थाना क्षेत्र के बिंदल मॉल स्थित उडुपी रेस्टोरेंट में शनिवार को हुई गोलीबारी के बाद झारखंड की कानून-व्यवस्था को लेकर सियासत तेज हो गई है। घटना में चार लोग घायल हुए हैं और पुलिस ने मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित की है। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने 11 राउंड फायरिंग की बात कही है।
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर राज्य सरकार और पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि दिनदहाड़े हुई गोलीबारी ने कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। मरांडी के मुताबिक, उन्होंने अपने स्तर पर घटना की जानकारी ली और लोगों से बातचीत की।
बिंदल मॉल फायरिंग को लेकर बाबूलाल मरांडी का हमला
मरांडी ने आरोप लगाया कि झारखंड पुलिस के शीर्ष पदों पर अधिकारियों की नियुक्ति और अतिरिक्त प्रभार के बंटवारे में योग्यता तथा जवाबदेही के बजाय राजनीतिक पसंद को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से कई अधिकारियों को दिए गए अतिरिक्त प्रभार और कुछ पदों को खाली रखने के प्रशासनिक औचित्य पर स्पष्टीकरण मांगा।
उन्होंने मयूर पटेल, मनोज कौशिक, पंकज कंबोज, नरेंद्र कुमार सिंह समेत कई अधिकारियों के पदस्थापन और जिम्मेदारियों का उल्लेख करते हुए सरकार से व्यवस्था स्पष्ट करने की मांग की। मरांडी ने कुछ अधिकारियों पर पूर्व में लगे कथित भ्रष्टाचार और अवैध कारोबार से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र जांच में तैनात कुछ वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका और जांचों में जिम्मेदारी को लेकर भी सवाल उठाए।
उन्होंने राकेश बंसांडी ने कहा कि केवल घटना के बाद अधिकारियों को घटनास्थल पर भेजना पर्याप्त नहीं है। उनके अनुसार, अपराधियों की में पुलिस CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है। पुलिस के मुताबिक, हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के नहीं होने का भी दावा किया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका और जांचों में जिम्मेदारी को लेकर सवाल
नेता प्रतिपक्ष ने CID में तैनात कुछ वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका और जांचों में जिम्मेदारी को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने राकेश बंसल और माइकल राज जैसे अधिकारियों के पदस्थापन और उपयोग को लेकर सरकार से जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की।
मरांडी ने कहा कि केवल घटना के बाद अधिकारियों को घटनास्थल पर भेजना पर्याप्त नहीं है। उनके अनुसार, अपराधियों की गिरफ्तारी के साथ उन्हें संरक्षण देने वालों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
उधर, जमशेदपुर गोलीबारी मामले में पुलिस CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है। पुलिस के मुताबिक, हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

I have four years of experience in journalism. Previously, I worked with organizations such as Swadesh Today, News 11 Bharat, and News 22 Scope. For the past year, I have been working as a content writer at Khabar Mantra.








