Ranchi: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस ने सुनवाई की अवधि कम से कम 30 दिनों तक बढ़ाने की मांग की है। बुधवार को प्रदेश प्रभारी के राजू और प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के नेतृत्व में कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। पार्टी ने कहा कि प्रशासनिक और तकनीकी परेशानियों के कारण बड़ी संख्या में मतदाताओं की सुनवाई निर्धारित समय में पूरी करना मुश्किल हो रहा है।
कांग्रेस कमिटी ने ज्ञापन में 31 अक्टूबर 2026 तक की नोटिस एवं सुनवाई रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि राज्य में कुल 59,56,574 नोटिस जारी किए गए हैं, जिनमें से 40,25,102 मतदाताओं की सुनवाई पूरी हुई है, जबकि 19,31,472 मामलों में सुनवाई लंबित है। वहीं, 5,06,625 नोटिस अब भी मतदाताओं तक पहुंचाए जाने बाकी हैं। ये आंकड़े एसआईआर प्रक्रिया को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने की चुनौती को स्पष्ट करते हैं।
बीएलओ ऐप की तकनीकी खामियों का उल्लेख
प्रदेश प्रभारी के राजू ने कहा कि राज्य के कई प्रखंडों में स्थायी निवासी प्रमाण पत्र जारी नहीं किए जा रहे हैं। जाति प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर एवं वंशावली तैयार कराने में भी आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इन प्रशासनिक बाधाओं के कारण बड़ी संख्या में पात्र मतदाता समय पर आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं।
ज्ञापन में निर्वाचन कर्मियों पर बढ़ते कार्यभार और बीएलओ ऐप की तकनीकी खामियों का भी उल्लेख किया गया। कई मामलों में सुनवाई पूरी होने के बावजूद ऑनलाइन स्थिति दोबारा लंबित दिखाई दे रही है तथा कुछ मतदाताओं को पुनः नोटिस जारी किए जा रहे हैं। कांग्रेस ने इन विसंगतियों को तत्काल दूर करने की मांग की।
प्रदेश कांग्रेस कमिटी ने मांग की कि स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र को निर्धारित सत्यापन के बाद एसआईआर में स्वीकार किया जाए, लंबित प्रमाण पत्रों एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों को शीघ्र जारी करने की व्यवस्था हो, सुनवाई में उपस्थित मतदाताओं को एसएमएस के माध्यम से पुष्टि मिले तथा बीएलओ ऐप की तकनीकी समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए।
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सुनवाई अवधि कम से कम 30 दिनों तक बढ़ाने की मांग
प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि दिवाली, भैया दूज एवं छठ जैसे महत्वपूर्ण त्योहारों के कारण आम नागरिकों की उपलब्धता और सरकारी कार्यालयों तक पहुंच प्रभावित होती है। ऐसे में निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी मतदाताओं की सुनवाई सुनिश्चित करना व्यावहारिक रूप से कठिन है।
झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से स्पष्ट रूप से मांग की है कि एसआईआर की सुनवाई अवधि कम से कम 30 दिनों तक बढ़ाई जाए, ताकि किसी भी पात्र नागरिक को केवल दस्तावेजी अथवा प्रशासनिक कठिनाइयों के कारण मतदाता सूची से वंचित न होना पड़े।
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मताधिकार लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण ताकत है
कांग्रेस कमिटी ने कहा कि मताधिकार लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण ताकत है। मतदाता सूची का पुनरीक्षण निष्पक्ष, पारदर्शी एवं समावेशी होना चाहिए तथा इस पूरी प्रक्रिया में प्रत्येक योग्य नागरिक के संवैधानिक मताधिकार की रक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
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प्रतिनिधिमंडल में मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की विधायक रामचंद्र सिंह भूषण वाड़ा सुबोध कांत सहाय प्रदीप कुमार बालमुचू बन्ना गुप्ता राकेश सिन्हा सतीश पौल मुंजनी डा.एम तौसीफ सोनाल शांति ज्योति सिंह मथारू सूर्यकांत शुक्ला कमल ठाकुर केदार पासवान उपस्थित थे।

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