रांची: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने आरोप लगाया कि पुनरीक्षण की प्रक्रिया में अनियमितताओं और गलत वर्गीकरण के कारण राज्य के बड़ी संख्या में मतदाताओं के सामने अपना मताधिकार सुरक्षित रखने की चुनौती खड़ी हो गई है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में करीब 1.07 करोड़ मतदाताओं के नाम को लेकर आशंका बनी हुई है।
गुरुवार, 5 नवंबर को रांची स्थित कांग्रेस भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में प्रदीप यादव ने कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण का काम नियमों को दरकिनार कर अनियोजित तरीके से किया जा रहा है। उन्होंने इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्री और झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) को पत्र लिखने की जानकारी दी। उनके साथ प्रदेश कांग्रेस के कई नेता भी मौजूद थे।
ASDD और अन्य श्रेणियों में नाम डालने पर सवाल
प्रदीप यादव ने दावा किया कि वर्ष 2026 में राज्य में मतदाताओं की कुल संख्या 2,64,63,236 थी। उनके मुताबिक, इनमें करीब 44 लाख मतदाताओं को ASDD श्रेणी में रखा गया है, जबकि लगभग 63 लाख मतदाताओं को लॉजिकल एनोमली, नो मैपिंग और अन्य श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है। उन्होंने कहा कि इस तरह कुल करीब 1.07 करोड़ मतदाताओं के बीच अपने नाम को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र के कुछ मतदाताओं के उदाहरण देते हुए कहा कि ऐसे लोगों के नाम भी ASDD सूची में शामिल किए गए हैं, जो उनके अनुसार जीवित हैं और मतदान केंद्रों पर मौजूद हैं। यादव ने यह भी दावा किया कि कुछ मतदाताओं ने एन्यूमरेशन फॉर्म जमा किया, इसके बावजूद उनके नाम सूची में दर्ज नहीं हैं।
Form-7 के दुरुपयोग का भी लगाया आरोप
कांग्रेस विधायक दल के नेता ने आरोप लगाया कि Form-7 के माध्यम से राजनीतिक विरोधियों के नाम मतदाता सूची से हटाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने गोड्डा मुफस्सिल थाना और दुमका के सरैयाहाट थाना में गलत तरीके से Form-7 जमा करने के आरोप से जुड़ी दो प्राथमिकी दर्ज होने का हवाला दिया।
यादव ने अपने क्षेत्र के कुछ मतदाताओं के नामों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि उन्हें ASDD श्रेणी में डाल दिया गया है। उन्होंने निर्वाचन आयोग से इन मामलों की जांच कर पात्र मतदाताओं के नाम सूची में बहाल करने की मांग की।
नियम-21 के तहत नाम जोड़ने की मांग
प्रदीप यादव ने सुझाव दिया कि निर्वाचन तंत्र की गलती या लापरवाही के कारण ASDD श्रेणी में गए पात्र मतदाताओं के नाम निर्वाचक निबंधन नियमावली, 1960 के नियम-21 के तहत बिना Form-6 भरवाए मतदाता सूची में दर्ज किए जाएं।
उन्होंने भाजपा और केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि मतदाता सूची पुनरीक्षण का इस्तेमाल लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने के लिए किया जा रहा है। यादव ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की ओर से उठाए गए सवालों पर खुली बहस की चुनौती भी दी।
संवाददाता सम्मेलन में शहजादा अनवर, राकेश सिन्हा, लाल किशोरनाथ शाहदेव, डॉ. एम. तौसीफ और अख्तर अली उपस्थित थे।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
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