वाशिंगटन/नई दिल्ली। मुंबई आतंकी हमले के आरोपी तहव्वुर हुसैन राणा को अमेरिका से भारत लाया जा रहा है। दिल्ली पहुंचते ही एनआईए उसे मुंबई अटैक केस में गिरफ्तार करेगी। राणा को दिल्ली लाए जाने के बाद तिहाड़ जेल के उच्च सुरक्षा वाले वार्ड में रखा जा सकता है। सूत्रों ने बताया कि राणा (64) को जेल में रखने के लिए आवश्यक तैयारियां कर ली गई हैं और जेल अधिकारी अदालत के आदेश का इंतजार करेंगे। राणा पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक है और 2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक अमेरिकी नागरिक डेविड कोलमैन हेडली का करीबी है।
पालम एयरपोर्ट से उसे बुलेटफ्रूप गाड़ी से सीधे राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण ( एनआईए) मुख्यालय (लोधी रोड) ले जाया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि मुख्यालय में उसे सबसे पहले एएनआई गिरफ्तार करने की औपचारिकता पूरी करेगी। इसके बाद उसे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पटियाला हाउस कोर्ट में पेश कर एजेंसी पूछताछ के लिए रिमांड की मांग सकती है। बताया गया है कि विशेष विमान में एनआईए और रॉ की स्पेशल टीम मौजूद है। उड़ान के बाद आज दोपहर तक भारत पहुंचने की संभावना है।
मुंबई हमले से दहला देश, हुआ एनआईए का गठन
राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण ( एनआईए) का गठन भारत सरकार ने 26 नवंबर 2008 के मुंबई हमले के बाद किया था। यह केंद्रीय आतंकवाद विरोधी कानून प्रवर्तन एजेंसी के रूप में कार्य करती है। इसका मुख्यालय नई दिल्ली के लोधी रोड के सीजीओ कॉम्प्लेक्स में है। यह एजेंसी देश की संप्रभुता, सुरक्षा और एकता को प्रभावित करने वाली आतंकी गतिविधियों की जांच करती है। इसका अधिकार क्षेत्र पूरा देश है।
तहव्वुर अमेरिका में संघीय जेल ब्यूरो की हिरासत में नहीं
अमेरिका में संघीय जेल ब्यूरो ने इस बात की पुष्टि की है कि तहव्वुर हुसैन राणा आठ अप्रैल से उसकी हिरासत में नहीं है। पाकिस्तानी-कनाडाई मूल का राणा 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक पाकिस्तानी अमेरिकी नागरिक डेविड कोलमैन हेडली उर्फ दाउद गिलानी का करीबी सहयोगी है।
मुंबई हमले में पाकिस्तान की भूमिका
एबीसी न्यूज डॉट कॉम की 25 नवंबर, 2009 को प्रसारित खबर में कहा गया था कि पहली बार पाकिस्तान ने अपनी सेना और शिकागो के दो लोगों के बीच संबंधों को स्वीकार किया है। इन पर डेनमार्क में आतंकवादी हमले की योजना बनाने का आरोप है। पाकिस्तान की सेना के तत्कालीन मुख्य प्रवक्ता मेजर जनरल अतहर अब्बास ने पुष्टि की कि डेविड हेडली और तहव्वुर राणा के साथ संबंधों के लिए एक सेवानिवृत्त मेजर को गिरफ्तार किया गया है। पिछले महीने एफबीआई ने 2005 में पैगंबर मोहम्मद के कार्टून प्रकाशित करने वाले डेनिश अखबार पर आतंकवादी हमले की योजना बनाने के आरोप में इन लोगों को गिरफ्तार किया।
हेडली और राणा के लश्कर-ए-तैयबा संबंध
अदालती दस्तावेज हेडली और राणा को लश्कर-ए-तैयबा से जोड़ते हैं। लश्कर-ए-तैयबा पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन है। उस पर 2008 में मुंबई (भारत) पर हुए हमलों और 2001 में भारतीय संसद पर हुए हमले का आरोप है। हालांकि इसके बाद पाकिस्तान ने आतंकवादी समूह लश्कर-ए-तैयबा पर प्रतिबंध लगा दिया। बावजूद इसके लश्कर-ए-तैयबा पाकिस्तान में सक्रिय है। लश्कर-ए-तैयबा अभी भी भारत में हमलों के लिए आतंकियों की भर्ती कर रहा है। इस आतंकवादी समूह का गठन पाकिस्तान की जासूसी एजेंसी आईएसआई ने 1980 के दशक के अंत में अफगानिस्तान और भारत पर हमला करने के लिए किया था।
न्यूज डेस्क, खबर मन्त्र। झारखंड की प्रमुख राजनीतिक, प्रशासनिक और ब्रेकिंग खबरों का केंद्रीय डेस्क संपादन।






