KhabarMantra: रांची समाहरणालय में आयोजित एक संवाद सत्र के दौरान उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि हर व्यक्ति तक कल्याणकारी योजनाएं पहुँचें और विकास में सभी की भागीदारी हो।
यह संवाद सत्र यूनिसेफ झारखंड और नव भारत जागृति केंद्र द्वारा संचालित बाल रिपोर्टर कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसमें सरकारी स्कूलों के 10 बाल पत्रकारों ने भाग लिया। बच्चों ने अपनी रिपोर्टिंग के अनुभव साझा करते हुए ड्रॉपआउट बच्चों का पुनः नामांकन, लिंग भेदभाव के खिलाफ कार्य और स्कूल परिसरों के पास शराब विक्रेताओं को हटाने जैसे प्रयासों की जानकारी दी।
बाल पत्रकारों ने सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना में हुए संशोधन में अपनी भूमिका भी बताई। साथ ही उन्होंने स्कूलों से जुड़ी समस्याएं जैसे चारदीवारी की कमी, क्षतिग्रस्त छतें और खराब पहुँच मार्ग पर ध्यान दिलाया, जिसपर उपायुक्त ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
बच्चों ने जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली, आईएएस बनने के लिए आवश्यक तैयारी और जीवन की चुनौतियों पर भी सवाल पूछे। उपायुक्त ने आत्मविश्वास, स्व-अध्ययन और सही दिशा में मेहनत को सफलता की कुंजी बताया। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि अपनी पृष्ठभूमि को कमजोरी नहीं, बल्कि ताकत बनाएं।
सत्र के अंत में बच्चों को समाहरणालय का भ्रमण कराया गया, जहाँ उन्हें विभिन्न विभागों के कार्यों और प्रशासन की संरचना की जानकारी दी गई। यूनिसेफ की संचार विशेषज्ञ आस्था अलंग ने कहा कि बच्चों की आवाज़ सामाजिक बदलाव की महत्वपूर्ण शक्ति है।
कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधीक्षक, यूनिसेफ के विशेषज्ञ और नव भारत जागृति केंद्र के प्रतिनिधि मौजूद थे।












