भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का भारतीय शेयर बाजार पर गहरा असर पड़ा है. 9 मई 2025 को, भारतीय शेयर बाजारों में भारी गिरावट देखी गई, जिससे निवेशकों में चिंता का माहौल बना.
शेयर बाजार में गिरावट
9 मई को, भारतीय शेयर बाजारों में गिरावट दर्ज की गई. निफ्टी 50, 0.96% और बीएसई सेंसेक्स 0.87% गिरे. खासकर स्मॉल-कैप और मिड-कैप सूचकांकों में 2% और 1% की गिरावट आई. सभी 13 प्रमुख सेक्टर्स में गिरावट देखी गई, जिससे बाजार में नकारात्मक रुझान बना. विश्लेषकों के अनुसार, यह गिरावट पाकिस्तान और भारतीय के बीच बढ़े तनाव के कारण है.
रुपया और विदेशी निवेश
भारतीय रुपया भी अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर हुआ है. रुपया 85.80 से 85.90 के बीच खुलने की संभावना जताई जा रही है. इससे पहले, रुपया 1.04% गिरकर दो साल में सबसे खराब सत्र में से एक रहा. विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयरों में 349.1 मिलियन डॉलर का निवेश किया, जबकि भारतीय बॉंड्स में 115.7 मिलियन डॉलर की बिक्री की.
सैन्य तनाव और बाजार पर प्रभाव
भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने निवेशकों में अनिश्चितता बढ़ा दी है. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह तनाव बढ़ता है, तो भारतीय अर्थव्यवस्था पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ सकता है.
9 मई 2025 को भारत-पाकिस्तान के बढ़ते सैन्य तनाव ने भारतीय शेयर बाजारों में गिरावट और रुपये में कमजोरी का कारण बना. निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे बाजार की स्थितियों पर नजर रखें और सतर्क रहें.













