KhabarMantra: भारत और पाकिस्तान ने अमेरिका की मध्यस्थता में हुई लंबी और गहन वार्ताओं के बाद पूर्ण और तत्काल संघर्षविराम पर सहमति जता दी है। यह निर्णय ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच सीमा पर लगातार बढ़ते तनाव, ड्रोन हमलों और गोलीबारी ने क्षेत्रीय और वैश्विक चिंता को जन्म दिया था।
संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्वीट किया, “मैं यह घोषणा करते हुए काफी खुशी महसूस कर रहा हूं कि भारत और पाकिस्तान ने पूर्ण और तत्काल संघर्षविराम पर सहमति जताई है। दोनों देशों को सामान्य समझदारी और श्रेष्ठ बुद्धिमत्ता का परिचय देने के लिए बधाई।”
वहीं पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने सोशल मीडिया पर इस फैसले की जानकारी साझा करते हुए कहा, “पाकिस्तान ने हमेशा क्षेत्र में शांति और स्थिरता को प्राथमिकता दी है, अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता से समझौता किए बिना। यह संघर्षविराम उसी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।”

अमेरिकी विदेश मंत्री ने भी इस घटनाक्रम को एक ‘राजनयिक सफलता’ बताया और बताया कि बीते 48 घंटों में अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और उन्होंने भारत और पाकिस्तान के शीर्ष नेतृत्व के साथ गहन वार्ताएं कीं। इन चर्चाओं में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ, भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर समेत कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे।
राजनयिक हलकों में इस समझौते को एक सकारात्मक मोड़ माना जा रहा है, जिससे न केवल सीमा पर शांति की उम्मीद जगी है, बल्कि दोनों परमाणु संपन्न पड़ोसियों के बीच भविष्य में संवाद की संभावनाएं भी मजबूत हुई हैं। अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें इस पर टिकी हैं कि यह संघर्षविराम जमीनी स्तर पर कितनी मजबूती से लागू होता है और क्या यह स्थायी शांति की दिशा में पहला कदम साबित हो सकता है।













