AIOCD strike: देशभर के 15 लाख से अधिक दवा विक्रेताओं ने आज अपनी मेडिकल दुकानें बंद रखने का फैसला किया है। यह हड़ताल भारतीय दवा विक्रेता संगठन (AIOCD) द्वारा ऑनलाइन दवाओं की अवैध बिक्री और कॉर्पोरेट कंपनियों की कथित गैर-प्रतिस्पर्धी बिजनेस पॉलिसी के विरोध में बुलाई गई है।
हड़ताल का मुख्य कारण: ऑनलाइन फार्मेसी का विरोध
अखिल भारतीय दवा विक्रेता संगठन (AIOCD) द्वारा बुलाई गई यह हड़ताल मुख्य रूप से ऑनलाइन दवा बिक्री के बढ़ते चलन के विरोध में है। संगठन का आरोप है कि ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियां ‘ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट’ का उल्लंघन कर रही हैं। साथ ही, कॉर्पोरेट कंपनियों की गैर-प्रतिस्पर्धी व्यापार नीतियों के कारण छोटे और मध्यम स्तर के दवा विक्रेताओं के अस्तित्व पर संकट पैदा हो गया है।
झारखंड में स्थिति और एसोसिएशन का रुख
झारखंड केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन ने इस देशव्यापी आंदोलन को अपना पूरा समर्थन दिया है। इस फैसले के चलते राज्यभर में अधिकांश दवा दुकानें बंद रहेंगी। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि यह कदम उनके व्यवसाय की रक्षा के लिए आवश्यक है, हालांकि उन्होंने इस दौरान मरीजों को होने वाली संभावित परेशानी के लिए खेद भी प्रकट किया है।
AIOCD strike: क्या खुला रहेगा और क्या बंद?
हड़ताल के दौरान दवाओं की किल्लत न हो, इसके लिए कुछ व्यवस्थाएं यथावत रहेंगी:
- अस्पताल परिसर के भीतर स्थित मेडिकल स्टोर, प्रमुख फार्मेसी चेन और सरकारी जन औषधि केंद्र सामान्य रूप से खुले रहेंगे।
- राज्य और देशभर की अधिकांश स्वतंत्र मेडिकल दुकानें हड़ताल के चलते बंद रहेंगी।









