Latehar: झारखंड के लातेहार जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। मनिका थाना और दो मुहान नदी के बीच जंगल में भारी मात्रा में सरकारी दवाइयाँ लावारिस हालत में फेंकी हुई मिली हैं। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सूबे की राजनीति गरमा गई है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी (Babulal Marandi) ने इस मुद्दे को लेकर राज्य सरकार और स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी पर तीखा हमला बोला है।
Read More: Jharkhand में 7609 नर्सिंग स्टाफ की होगी जल्द बहाली, सीएम हेमंत सोरेन का बड़ा निर्देश
Latehar: ‘जनता के टैक्स का पैसा सड़क पर बिखेरा गया’
बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर वायरल वीडियो शेयर करते हुए सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने लिखा: “यह केवल दवाइयाँ नहीं हैं, बल्कि गरीब मरीजों के इलाज का अधिकार, जनता के टैक्स का पैसा और सरकारी जवाबदेही है, जिसे सड़क पर बिखेर दिया गया है। आज झारखंड का गरीब मरीज सरकारी अस्पतालों में एक-एक गोली के लिए भटक रहा है और दूसरी तरफ लाखों रुपये की दवाइयाँ जंगलों में फेंकी जा रही हैं।”
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी पर साधा निशाना: ‘रील्स से नहीं चलते अस्पताल’
मरांडी ने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी की कार्यप्रणाली पर तंज कसते हुए कहा कि स्वास्थ्य मंत्री को जनता की पीड़ा दूर करने से ज्यादा सोशल मीडिया पर रील बनाने और कैमरों के सामने बयानबाजी करने में दिलचस्पी है।
उन्होंने तीखे लहजे में कहा रील और कैमरों से अस्पताल नहीं चलते, डायलॉगबाज़ी से मरीजों का इलाज नहीं हो सकता। धमकी से नहीं छिपेगी सच्चाई, जब भी सरकार की विफलता पर सवाल उठाए जाते हैं, तो केस-मुकदमे की धमकी देकर आवाज दबाने की कोशिश की जाती है।
बाबूलाल मरांडी ने सरकार से पूछे ये गंभीर सवाल
भाजपा नेता ने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य विभाग से सीधे तौर पर कुछ सुलगते हुए सवाल पूछे हैं:
-
जब मरीज अस्पतालों में दवा के बिना परेशान थे, तब ये सरकारी दवाइयाँ सड़क और जंगलों में कैसे पहुँचीं?
-
किसके संरक्षण और लापरवाही के कारण लाखों की दवाइयाँ बर्बाद की गईं?
-
क्या लोकतंत्र में अपनी गाढ़ी कमाई का टैक्स देने वाली जनता को सवाल पूछने का अधिकार नहीं है?
खबर मन्त्र एक्सक्लूसिव पड़ताल एवं विश्लेषणExclusive -
इस मामले के दोषियों पर अब तक क्या कार्रवाई हुई है या हमेशा की तरह मामले को दबा दिया जाएगा?
झारखंड के सरकारी अस्पतालों के बदहाल हालात
मरांडी ने राज्य के अस्पतालों की स्थिति को बयां करते हुए कहा कि आज झारखंड के अमूमन हर सरकारी अस्पताल का बुरा हाल है। कहीं डॉक्टरों की कमी है, कहीं बेड नहीं हैं, तो कहीं जांच की सुविधाएं ठप हैं। जहाँ सब कुछ ठीक भी है, वहाँ मरीजों को दवाइयाँ नहीं मिलतीं। ऐसे में इतनी बड़ी मात्रा में एक्सपायरी या बिना इस्तेमाल की हुई दवाओं का फेंका जाना एक बड़े घोटाले और लापरवाही की ओर इशारा करता है।
अब देखना यह है कि इस वीडियो के सामने आने और विपक्ष के हमलावर होने के बाद स्वास्थ्य विभाग इस पर क्या कार्रवाई करता है।
ये भी देखें: CCTV में आखिरी बार दिखी, फिर बंद हो गए सभी कैमरे… आखिर कहां है मासूम Aditi Pandey?
कंटेंट राइटर एवं रिपोर्टर, खबर मन्त्र। झारखंड के स्थानीय समाचार, महिला विकास, कला और लाइफस्टाइल खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।








