भारत पाकिस्तान के बीच जंग को देखते हुए बिहार सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्ती बढ़ा दी है. नेपाल और बांग्लादेश से सटे सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षाबलों की तैनाती बढ़ाई गई है और बॉर्डर से गुजरने वाले हर व्यक्ति की गहन जांच की जा रही है. संदिग्धों से पूछताछ भी जारी है.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का कड़ा रुख
इस माहौल में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं. वह शनिवार यानी आज पूर्णिया में सीमावर्ती जिलों के डीएम और एसपी के साथ समीक्षा बैठक करेंगे, जिसमें वे कानून-व्यवस्था की स्थिति और सुरक्षा उपायों का जायजा लेंगे.
सीएम ने साफ निर्देश दिए हैं कि सभी सीमावर्ती जिलों में विशेष सतर्कता बरती जाए, और बांग्लादेश बॉर्डर पर कड़ी निगरानी रखी जाए. किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं.
इन 7 जिलों में विशेष अलर्ट
राज्य सरकार ने बिहार के सात सीमावर्ती जिलों को विशेष सतर्कता के दायरे में रखा है:
- पश्चिम चंपारण
- पूर्वी चंपारण
- सीतामढ़ी
- मधुबनी
- सुपौल
- अररिया
- किशनगंज
इन सभी जिलों में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है और पुलिस-प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है. वहीं, गृह मंत्रालय ने अररिया, कटिहार, पूर्णिया और किशनगंज जैसे जिलों में हाई अलर्ट घोषित किया है और एसएसबी के साथ ज्वाइंट मीटिंग की गई है.
होटल-लॉज पर सख्त निगरानी, पुलों की सुरक्षा भी कड़ी
गृह मंत्रालय के निर्देश पर बॉर्डर से लगे जिलों में होटलों और लॉज की जांच अभियान तेज़ कर दी गई है. होटल रजिस्टर की पड़ताल की जा रही है और लंबे समय से ठहरे लोगों की जानकारी इकट्ठा की जा रही है.
सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स की भूमिका बढ़ेगी
राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने जानकारी दी है कि लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स की संख्या बढ़ाई जाएगी.
इसके लिए एक नया पोर्टल तैयार किया जा रहा है, जिसमें इच्छुक युवक-युवतियां रजिस्ट्रेशन कर वॉलंटियर बन सकेंगे और आपात स्थिति में प्रशासन की मदद कर सकेंगे.
बता दें वर्तमान स्थिति को देखते हुए बिहार सरकार हर स्तर पर सक्रिय है और सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा को लेकर कोई भी लापरवाही नहीं बरती जा रही. मुख्यमंत्री स्वयं निगरानी कर रहे हैं.













