Ranchi : चाईबासा में एनएच-220 पर भारी वाहनों की नो-एंट्री की मांग को लेकर आदिवासी-मूलवासी समुदाय का शांतिपूर्ण धरना सोमवार रात अचानक हिंसक हो गया, जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दाग दिए। इस बर्बर कार्रवाई की बीजेपी ने कड़ी निंदा की है।
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जनविरोधी और अमानवीय घटना
प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद आदित्य साहू ने इसे “जनविरोधी और अमानवीय” बताया है। उन्होंने राज्यभर में सरकार के खिलाफ पुतला दहन और 29 अक्टूबर को 12 घंटे के पश्चिम सिंहभूम बंद का आह्वान किया है। बंद सुबह 6 से शाम 6 बजे तक रहेगा, हालांकि आवश्यक सेवाओं को इससे मुक्त रखा गया है।
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हर आवाज को लाठी और गोली से कुचल रही है हेमंत सरकार
साहू ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन जनता का अधिकार है, लेकिन हेमंत सरकार पिछले छह वर्षों से विरोध की हर आवाज को लाठी और गोली से कुचल रही है। उन्होंने बताया कि पिछले एक साल में भारी वाहनों की चपेट में आकर 154 लोगों की मौत हो चुकी है, फिर भी सरकार आंख मूंदे बैठी है।
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बीजेपी ने चाईबासा लाठीचार्ज की न्यायिक जांच की मांग की है और सरकार को चेताया है कि अगर दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

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